नीलाम पत्र वादों की सुनवाई में तेज हुई कार्रवाई
जिले में लंबित नीलाम पत्र वादों के निष्पादन को लेकर शुक्रवार को आयोजित सुनवाई में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 20 नीलाम पत्र वादों की सुनवाई की गई, जिसमें सबसे अधिक 19 मामले जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, बक्सर से संबंधित रहे।


__ राज्य खाद्य निगम के 19 मामलों समेत कुल 20 वादों पर हुई सुनवाई, विभागों को ब्याज सहित बकाया राशि का ब्यौरा देने का निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में लंबित नीलाम पत्र वादों के निष्पादन को लेकर शुक्रवार को आयोजित सुनवाई में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 20 नीलाम पत्र वादों की सुनवाई की गई, जिसमें सबसे अधिक 19 मामले जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, बक्सर से संबंधित रहे। वहीं एक अन्य मामला रविया पविन उर्फ जमीला खातुन से जुड़ा था, जिसमें अधियाची विभाग प्रखंड विकास पदाधिकारी, ब्रह्मपुर है।सुनवाई के दौरान सभी देनदारों तथा संबंधित अधियाची विभागों की उपस्थिति दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने विभागीय पक्षों से बकाया राशि, ब्याज एवं अन्य देयों का स्पष्ट ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा।

राज्य खाद्य निगम की ओर से पांच मामलों में जवाब दाखिल किया गया, जबकि शेष मामलों में विभागीय स्तर पर समय की मांग की गई। इस पर सुनवाई कर रहे पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित मामलों में ब्याज सहित कुल देय राशि की गणना कर शीघ्र प्रतियुत्तर दाखिल किया जाए, ताकि मामलों का निष्पादन तेजी से किया जा सके।सुनवाई के दौरान यह भी संकेत मिला कि लंबे समय से लंबित पड़े वादों को अब प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में बकाया वसूली की प्रक्रिया वर्षों से अधर में लटकी हुई है, जिससे राजस्व प्रभावित हो रहा है।

इधर, लगातार हो रही सुनवाई से देनदारों में भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर जवाब दाखिल नहीं करने अथवा राशि जमा नहीं करने की स्थिति में आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।जिले में नीलाम पत्र वादों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन अब नियमित सुनवाई कर लंबित मामलों को कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

