हड़ताल खत्म होते ही चौसा अंचल कार्यालय में बढ़ी रफ्तार, लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
कई दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत रहे राजस्व कर्मियों के सोमवार से काम पर लौटते ही चौसा अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली फिर से पटरी पर आ गई है। कर्मियों की वापसी के बाद अंचल से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर दाखिल-खारिज, भूमि परिमार्जन, लगान रसीद निर्गत करने तथा भूमि विवाद से संबंधित मामलों का काम अब नियमित रूप से शुरू हो गया है।


केटी न्यूज/चौसा
कई दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत रहे राजस्व कर्मियों के सोमवार से काम पर लौटते ही चौसा अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली फिर से पटरी पर आ गई है। कर्मियों की वापसी के बाद अंचल से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर दाखिल-खारिज, भूमि परिमार्जन, लगान रसीद निर्गत करने तथा भूमि विवाद से संबंधित मामलों का काम अब नियमित रूप से शुरू हो गया है।अंचल कार्यालय में सोमवार को सामान्य दिनों की तरह गतिविधियां देखने को मिलीं। विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को भी राहत मिली।

आंदोलन के कारण कई जरूरी फाइलें लंबित हो गई थीं, जिनके निपटारे के लिए अब विशेष पहल शुरू कर दी गई है।चौसा अंचलाधिकारी नीलेश कुमार ने बताया कि सभी राजस्व कर्मियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं एवं भूमि संबंधी मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सीओ ने बताया कि आम लोगों को पारदर्शी और बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए कार्यालय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि आवेदकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आवेदन एवं दस्तावेज निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करें, ताकि मामलों का त्वरित निष्पादन किया जा सके। राजस्व कर्मियों की वापसी से अंचल क्षेत्र के लोगों ने भी राहत की सांस ली है।

