डुमरांव में डीएम का जनता दरबार: नल-जल, जलजमाव और दिव्यांग अधिकारों पर दिखी प्रशासनिक सक्रियता

डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय में गुरुवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जिलाधिकारी साहिला पहली बार औचक दौरे पर पहुंचीं। बीडीओ संदीप कुमार पाण्डेय द्वारा बुके देकर स्वागत के बाद डीएम सीधे प्रखंड सभागार पहुंचीं, जहां जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि जनसमस्याओं पर प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही का मंच बन गया।

डुमरांव में डीएम का जनता दरबार: नल-जल, जलजमाव और दिव्यांग अधिकारों पर दिखी प्रशासनिक सक्रियता

-- एक सप्ताह की डेडलाइन, अधिकारियों से मौके पर जवाब-तलब, जनता की समस्याओं पर त्वरित फैसले

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय में गुरुवार को उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जिलाधिकारी साहिला पहली बार औचक दौरे पर पहुंचीं। बीडीओ संदीप कुमार पाण्डेय द्वारा बुके देकर स्वागत के बाद डीएम सीधे प्रखंड सभागार पहुंचीं, जहां जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि जनसमस्याओं पर प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही का मंच बन गया।

-- 20 से अधिक मामलों की सीधी सुनवाई

जनता दरबार में विभिन्न विभागों से जुड़े 20 से अधिक आवेदन आए। हर आवेदन पर डीएम ने स्वयं सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को मौके पर निर्देश दिए। सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे, जिससे समस्याओं पर त्वरित निर्णय संभव हो सका।

-- नल-जल योजना पर सख्त रुख

कसिया पंचायत के मुखिया भरत तिवारी ने पंचायत में बंद पड़ी नल-जल योजना का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि योजना होने के बावजूद ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है। इस पर डीएम ने पीएचईडी विभाग की जेई को फटकार लगाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर मुखिया से समन्वय बनाकर नल-जल योजना को दुरुस्त किया जाए और इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को सौंपी जाए। डीएम के इस निर्देश के बाद संबंधित विभाग में हड़कंप देखा गया।

-- सालों पुराने जलजमाव पर जवाब-तलब

मठीला पंचायत के किसानों ने वर्षों से चले आ रहे जलजमाव की समस्या को उठाया। आवेदनकर्ता ने बताया कि जलजमाव के कारण सैकड़ों बीघा कृषि भूमि अनुपयोगी हो चुकी है। डीएम ने इस मुद्दे पर जनता दरबार में ही एसडीएम और बीडीओ से जवाब मांगा। एसडीएम राकेश कुमार ने जानकारी दी कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा डीपीआर तैयार कर ली गई है और जल्द ही योजना धरातल पर उतरेगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और वे फिर से खेती कर सकेंगे।

-- दिव्यांग आवास का मामलारू प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

मुंगाव पंचायत के दिव्यांग विश्वजीत पासवान ने आवास न मिलने की शिकायत की। डीएम ने बीडीओ को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर पात्रता के अनुसार उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगों के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

-- दिव्यांग सुविधाओं पर प्रशासन का भरोसा

दिव्यांग संघ के जिलाध्यक्ष अगस्त उपाध्याय ने मांग रखी कि दिव्यांग प्रमाण पत्र जिला मुख्यालय के साथ-साथ अनुमंडल मुख्यालय में भी बनाया जाए, ताकि सातों प्रखंडों के दिव्यांगों को सुविधा मिल सके। साथ ही रेलवे कंसेशन प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही कठिनाइयों का भी मुद्दा उठाया गया। डीएम ने आश्वासन दिया कि इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

-- जनता दरबार बना प्रशासनिक सख्ती का संदेश

डीएम साहिला का यह जनता दरबार केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समय-सीमा तय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने का उदाहरण बना। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि योजनाओं में लापरवाही और जनता की समस्याओं की अनदेखी अब नहीं चलेगी। जनता दरबार के बाद आम लोगों में यह भरोसा दिखा कि समस्याएं अब फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर उसका समाधान होगा।