सावन से पहले महादेवा घाट पर प्रशासन अलर्ट, बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

सावन माह में उत्तरवाहिनी गंगा के महादेवा घाट पर उमड़ने वाली लाखों आस्थावानों की भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कवायद शुरू हो गई है।

सावन से पहले महादेवा घाट पर प्रशासन अलर्ट, बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

केटी न्यूज/डुमरांव

सावन माह में उत्तरवाहिनी गंगा के महादेवा घाट पर उमड़ने वाली लाखों आस्थावानों की भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बुधवार को चौसा के अंचलाधिकारी विजय प्रकाश, अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार तथा पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज कुमार यादव ने महादेवा घाट का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाट की वर्तमान स्थिति, गंगा के जलस्तर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की।

अधिकारियों ने पाया कि जलस्तर बढ़ने से घाट की कई सीढ़ियां पानी में समा गई हैं, जबकि निचले हिस्से में पानी की गहराई भी काफी बढ़ गई है। ऐसे में सावन के दौरान स्नान और गंगाजल लेने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।प्रशासन ने निर्णय लिया है कि घाट के गहरे और जोखिम वाले हिस्सों में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित स्थानों से गंगाजल भरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती, पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी तथा प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरे मेले का संचालन करने की योजना बनाई गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते बचा जा सके।

सावन के प्रत्येक रविवार को महादेवा घाट पर बक्सर सहित आसपास के कई जिलों से हजारों कांवरिये और शिवभक्त पहुंचते हैं। श्रद्धालु यहां से गंगाजल लेकर विभिन्न शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इसी को देखते हुए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को इस बार प्राथमिकता दी जा रही है।यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। महादेवा घाट जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने, जाम की समस्या से राहत दिलाने तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक प्लान बनाया जा रहा है। इसके अलावा स्थानीय स्वयंसेवी टीमों को भी प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं की सहायता और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने के लिए सक्रिय किया जाएगा।