मरम्मत के अभाव में बंद पड़े चार सरकारी नलकूप, सिंचाई के लिए किसान परेशान
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित 11 सरकारी नलकूपों में से चार लंबे समय से मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं। इससे धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

केटी न्यूज/केसठ।
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित 11 सरकारी नलकूपों में से चार लंबे समय से मरम्मत के अभाव में बंद पड़े हैं। इससे धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ये सरकारी नलकूप अब शोपीस बनकर रह गए हैं।स्थानीय किसानों ने बताया कि समय पर नलकूपों की मरम्मत नहीं होने के कारण उन्हें निजी बोरिंग के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।

किसानों का कहना है कि अनियमित बारिश के इस दौर में सरकारी नलकूप उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकते थे, लेकिन खराब रहने के कारण उनका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।जानकारी के अनुसार, प्रखंड में कुल 11 सरकारी नलकूप स्थापित हैं। इनमें सात नलकूप चालू हैं, जबकि चार लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं। किसानों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग को इसकी सूचना देने के बावजूद अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।किसानों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से अविलंब खराब पड़े सरकारी नलकूपों की मरम्मत कर उन्हें चालू कराने की मांग की है, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिल सके और खेती प्रभावित न हो।

