श्रावणी मेला, बाढ़-सुखाड़ और नीट परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट
जिलाधिकारी साहिला एवं पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आपातकालीन प्रबंधन समूह की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रावणी मेला, संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-स्नातक) के सफल और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।


__ डीएम साहिला व एसपी शुभम आर्य ने की समीक्षा बैठक, सभी विभागों को समयबद्ध तैयारी और आपसी समन्वय के दिए निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला एवं पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आपातकालीन प्रबंधन समूह की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रावणी मेला, संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-स्नातक) के सफल और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक की शुरुआत पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन योजना की समीक्षा से हुई। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन से स्वीकृति मिलने के बाद डुमरांव अनुमंडल में शीघ्र ही पीएनजी गैस आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। वहीं बक्सर अनुमंडल में पीएनजी विस्तार के लिए जिला विनियामक केंद्र की स्थापना हेतु आवश्यक पत्राचार करने का निर्देश भी दिया गया।

श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष चर्चा हुई। जिला प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी शौचालय, चिकित्सा शिविर तथा नियंत्रण कक्ष की स्थापना संबंधी तैयारियों का जायजा लिया गया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। आपदा प्रबंधन विभाग को किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सक्रिय रखने को कहा गया।मानसून के मद्देनजर जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, पशुपालन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। तटबंधों की स्थिति, राहत शिविरों की उपलब्धता, नावों एवं बचाव उपकरणों की व्यवस्था, खाद्यान्न एवं राहत सामग्री का भंडारण तथा आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।उन्होंने राहत एवं बचाव दलों का गठन करने, संकटग्रस्त लोगों की पहचान करने तथा पंचायत स्तर पर बाढ़ राहत अनुश्रवण एवं निगरानी समितियों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत सचिवों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने का निर्देश भी दिया।

साथ ही सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को नालों की सफाई एवं उड़ाही तत्काल कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में कम वर्षा की स्थिति में उत्पन्न होने वाली संभावित सुखाड़ की समस्या पर भी चर्चा हुई। कृषि विभाग को किसानों के बीच वैकल्पिक फसलों, सूखा-रोधी कृषि तकनीकों तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का निर्देश दिया गया। सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी जोर दिया गया।राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-स्नातक) के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा परीक्षार्थियों की सुविधा से संबंधित तैयारियों की जानकारी ली गई।

जिलाधिकारी ने सभी केंद्राधीक्षकों को परीक्षा संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर को यातायात व्यवस्था सुचारु रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़, सुखाड़, श्रावणी मेला और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों के सफल संचालन के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क एवं सक्रिय रहकर सभी तैयारियां समय पर पूरी करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा, जनसुविधा और प्रभावी आपदा प्रबंधन उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

