हरित भविष्य के लिए युवाओं को किया प्रेरित, कृषि कॉलेज से उठा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव में आयोजित कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश बनकर उभरा। पौधरोपण, जल संरक्षण और सतत विकास के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी साहिला ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत बनने का आह्वान किया।

हरित भविष्य के लिए युवाओं को किया प्रेरित, कृषि कॉलेज से उठा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

__ विश्व पर्यावरण दिवस पर डीएम ने किया पौधरोपण, जल संरक्षण और सतत विकास को जनआंदोलन बनाने का आह्वान

केटी न्यूज/डुमरांव

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय, डुमरांव में आयोजित कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश बनकर उभरा। पौधरोपण, जल संरक्षण और सतत विकास के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी साहिला ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत बनने का आह्वान किया।बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी साहिला मुख्य अतिथि तथा एसडीएम राकेश कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर महाविद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया, जबकि एनसीसी कैडेट्स ने लेफ्टिनेंट डॉ. मजहर अंसारी के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की शुरुआत पौधरोपण से हुई। जिलाधिकारी सहित अन्य अतिथियों ने परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया।

इस दौरान सभी उपस्थित लोगों ने पौधरोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लिया। अतिथियों ने वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।इसके बाद जिलाधिकारी ने महाविद्यालय के कृषि प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र (एटीआईसी), एआरआईएस सेल और प्लांट हेल्थ क्लीनिक का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों को उपलब्ध कराई जा रही तकनीकी सेवाओं और कृषि अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करते हुए इन प्रयासों की सराहना की।महाविद्यालय के बहुउद्देशीय हॉल में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। एसोसिएट डीन सह प्राचार्य डॉ. पारस नाथ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को आकर्षक बना दिया।

अपने संबोधन में डॉ. पारस नाथ ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर बल देते हुए कृषि और पर्यावरण के अटूट संबंध को रेखांकित किया।जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन जैसी चुनौतियां पूरी मानवता के लिए गंभीर संकट बन चुकी हैं।उन्होंने युवाओं से वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर एनसीसी कैम्प में भाग लेने वाले कैडेट्स को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जबकि मिशन लाइफ के तहत पर्यावरण जागरूकता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों के बीच बागवानी किट और उपयोगी पुस्तकों का वितरण कर उन्हें प्रकृति संरक्षण के प्रति सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।समारोह के अंत में जिलाधिकारी ने मिशन लाइफ, नमामि गंगे, जल संरक्षण और सतत विकास के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा करते हुए हरित और स्वच्छ भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया।