भूमि विवाद निपटारे में प्रशासन की सक्रियता, जनता दरबार ने बढ़ाया भरोसा
भूमि से जुड़े तनाव और बढ़ते विवादों के बीच शनिवार को प्रखंड सभागार में आयोजित जनता दरबार ने लोगों को समाधान का भरोसा दिया। नई व्यवस्था के तहत थाने से हटाकर अंचल प्रशासन के नियंत्रण में आए इस दरबार में तीन मामलों पर सुनवाई हुई। उल्लेखनीय रूप से दो मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जिससे उपस्थित लोगों में राहत और संतोष दिखा।
केटी न्यूज/बक्सर
भूमि से जुड़े तनाव और बढ़ते विवादों के बीच शनिवार को प्रखंड सभागार में आयोजित जनता दरबार ने लोगों को समाधान का भरोसा दिया। नई व्यवस्था के तहत थाने से हटाकर अंचल प्रशासन के नियंत्रण में आए इस दरबार में तीन मामलों पर सुनवाई हुई। उल्लेखनीय रूप से दो मामलों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया, जिससे उपस्थित लोगों में राहत और संतोष दिखा।

इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व राजस्व पदाधिकारी उद्धव मिश्रा और पुलिस पदाधिकारियों की टीम ने किया। राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में पक्षकारों के दस्तावेजों की जांच की गई और दोनों पक्षों की बातों को विस्तार से सुना गया। जिन मामलों में कागजात अधूरे थे, उन्हें अगली तारीख पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।
नई व्यवस्था का बड़ा संदेश यह रहा कि भूमि विवादों को केवल पुलिस-प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि राजस्व और कानूनी प्रक्रिया के तहत सुलझाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल निर्णय अधिक पारदर्शी होंगे, बल्कि अनावश्यक टकराव और तनाव भी कम होगा।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि व्यक्तिगत झगड़ों और विवादों की जगह ऐसे मंचों का उपयोग करें, जहां समाधान कानूनी रूप से दर्ज और संरक्षित रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव-स्तर पर शांतिपूर्ण सहमति और त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना है।

