रोहणीभान सड़क हादसे में बुझ गया एक और घर का चिराग, अबतक चार की हो चुकी है मौत
चौसा-मोहनिया मुख्य मार्ग पर राजपुर थाना क्षेत्र के रोहणीभान गांव के पास हुआ सड़क हादसा अब तीन नहीं, बल्कि चार जिंदगियों को निगल चुका है। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल बनारपुर गांव निवासी रितेश कुमार (20) ने भी इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वाराणसी ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले उसकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे बनारपुर गांव में शोक और सन्नाटा छा गया।
-- वाराणसी ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले रितेश ने तोड़ा दम, गांव-गांव में पसरा मातम, तेज रफ्तार फिर बनी मौत की वजह
केटी न्यूज/बक्सर
चौसा-मोहनिया मुख्य मार्ग पर राजपुर थाना क्षेत्र के रोहणीभान गांव के पास हुआ सड़क हादसा अब तीन नहीं, बल्कि चार जिंदगियों को निगल चुका है। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल बनारपुर गांव निवासी रितेश कुमार (20) ने भी इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। वाराणसी ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले उसकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे बनारपुर गांव में शोक और सन्नाटा छा गया।रितेश, किसान वंशीधर सिंह का छोटा बेटा था और इंटरमीडिएट की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। दो भाइयों में सबसे छोटा रितेश परिवार की उम्मीदों का सहारा माना जाता था।

हादसे के बाद उसे और रूपेश कुमार को पहले बक्सर सदर अस्पताल लाया गया, जहां से हालत गंभीर देख दोनों को हायर सेंटर रेफर किया गया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रितेश ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि रूपेश की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बनारपुर गांव का सूर्यदेव कुमार बालू-गिट्टी लाने के लिए घर से निकला था। उसने पड़ोसी से बाइक कुछ ही मिनटों के लिए मांगी थी। बाइक पर उसके साथ दोस्त भी सवार थे। इसी दौरान रोहणीभान के पास तेज रफ्तार में सामने से आ रही दूसरी बाइक से जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही सूर्यदेव कुमार और चड़ेस गांव निवासी सैफ अली की मौत हो गई। तीसरे युवक उपेंद्र प्रजापति ने सदर अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था।अब रितेश की मौत के बाद यह हादसा चार जिंदगियों को लील चुका है। चार परिवार एक साथ उजड़ गए हैं। मां-बाप के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे, तो गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता हैकृक्या तेज रफ्तार और लापरवाही पर लगाम लगेगी, या सड़कें यूं ही युवाओं की कब्रगाह बनती रहेंगी।

