15 महिलाओं की नसबंदी, अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों को बांटे गए कम्बल
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में हाल के दिनों में हुए व्यवस्था परिवर्तन से मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। लंबे समय से अव्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर चर्चा में रहने वाला यह अस्पताल अब धीरे-धीरे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश और प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. श्रुति प्रकाश के नेतृत्व में अस्पताल की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव साफ तौर पर नजर आने लगा है। सोमवार को इसका एक जीवंत उदाहरण देखने को मिला, जब महिला चिकित्सक के छुट्टी पर चले जाने के बावजूद ओपीडी सेवा बाधित नहीं हुई। प्रभारी उपाधीक्षक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए मरीजों का इलाज किया।
-- महिला चिकित्सक के छुट्टी पर चले जाने के बाद प्रभारी उपाधीक्षक ने संभाली कमान
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में हाल के दिनों में हुए व्यवस्था परिवर्तन से मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। लंबे समय से अव्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर चर्चा में रहने वाला यह अस्पताल अब धीरे-धीरे बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ रहा है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश और प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. श्रुति प्रकाश के नेतृत्व में अस्पताल की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव साफ तौर पर नजर आने लगा है। सोमवार को इसका एक जीवंत उदाहरण देखने को मिला, जब महिला चिकित्सक के छुट्टी पर चले जाने के बावजूद ओपीडी सेवा बाधित नहीं हुई। प्रभारी उपाधीक्षक ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए मरीजों का इलाज किया।

-- मरीजों में संतोष का भरोसा
ओपीडी में बड़ी संख्या में पहुंचे मरीजों को समय पर परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इससे मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली और अस्पताल प्रशासन की सक्रियता की सराहना की। इसी दिन परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत 15 महिलाओं का सफलतापूर्वक नसबंदी ऑपरेशन भी किया गया। पूरी प्रक्रिया चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराई गई। ऑपरेशन के बाद महिलाओं की विशेष देखभाल की गई और उन्हें आवश्यक दवाइयों के साथ-साथ कंबल भी वितरित किए गए, ताकि ठंड के मौसम में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस पहल से मरीजों में संतोष और भरोसा देखने को मिला।

-- बन रहा भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र
अस्पताल में बढ़ती सक्रियता और अनुशासन का असर अब साफ दिखने लगा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है, वहीं मरीजों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता बन गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अस्पताल प्रबंधन नियमित निरीक्षण और समीक्षा भी कर रहा है, जिससे लापरवाही पर रोक लग सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह व्यवस्थाएं सुदृढ़ होती रहीं, तो डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र बन रहा है। मरीजों को अब इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी। कुल मिलाकर, अस्पताल में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाले साबित हो रहे हैं।

