डुमरी पंचायत ने रचा इतिहास, बनी बिहार की मॉडल महिला हितैषी पंचायत

ग्रामीण बिहार में महिला सशक्तिकरण की एक नई कहानी बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड की डुमरी पंचायत ने लिख दी है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच डुमरी पंचायत ने वह कर दिखाया, जो आज पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बन गया है।

डुमरी पंचायत ने रचा इतिहास, बनी बिहार की मॉडल महिला हितैषी पंचायत

-- पटना में सम्मान, आत्मनिर्भर महिलाओं से लेकर सुरक्षा-शिक्षा तक दिखा समग्र विकास मॉडल

केटी न्यूज/डुमरांव

ग्रामीण बिहार में महिला सशक्तिकरण की एक नई कहानी बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड की डुमरी पंचायत ने लिख दी है। सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच डुमरी पंचायत ने वह कर दिखाया, जो आज पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बन गया है। बिहार सरकार द्वारा इसे मॉडल महिला हितैषी पंचायत के रूप में चयनित किया गया है। यह उपलब्धि न सिर्फ पंचायत के लिए, बल्कि पूरे बक्सर जिले के लिए गर्व की बात है।

राजधानी पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में डुमरी पंचायत को यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। इस मौके पर बिहार के 38 जिलों से चयनित पंचायतों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही, जिसमें 43 महिला मुखियाओं ने अपने-अपने पंचायतों के कार्यों को प्रस्तुत किया। डुमरी पंचायत ने महिला सशक्तिकरण के ठोस और जमीनी प्रयासों के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। डुमरी पंचायत की सबसे बड़ी ताकत महिलाओं की आर्थिक मजबूती है। पंचायत में सक्रिय 98 जीविका स्वयं सहायता समूहों के जरिए 249 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। छोटे-छोटे ऋण, प्रशिक्षण और समूह आधारित कार्यों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। आज ये महिलाएं न केवल अपने परिवार का सहारा बन रही हैं, बल्कि पंचायत के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

महिला सुरक्षा को लेकर पंचायत ने तकनीक का सहारा लिया है। सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, वहीं पंचायत कार्यालय में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। यहां महिलाएं बिना झिझक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी डुमरी पंचायत ने नई पहल की है। बच्चियों के लिए ई-लाइब्रेरी की सुविधा शुरू की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। यह कदम भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

डुमरी पंचायत सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी मजबूती से खड़ी है। बाल विवाह रोकने के लिए नियमित जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। हर महीने महिलाओं के साथ बैठक कर उन्हें कानून और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी जाती है। साथ ही पंचायत स्तर पर गठित बाल संरक्षण इकाई बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए सतत कार्य कर रही है। डुमरी पंचायत का मॉडल महिला हितैषी पंचायत के रूप में चयन यह साबित करता है कि सही सोच, मजबूत नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से गांव भी बदलाव की अगुवाई कर सकते हैं। यह पंचायत आज पूरे बिहार के लिए महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बन चुकी है।