मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0 की शुरुआत, 50 मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू

मेडिएशन फॉर द नेशन कार्यक्रम के प्रथम चरण की अपार सफलता के बाद बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना द्वारा मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0 कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत 2 जनवरी से की गई है। यह कार्यक्रम 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक आयोजित प्रथम चरण के सकारात्मक परिणामों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0 की शुरुआत, 50 मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू

केटी न्यूज/बक्सर

मेडिएशन फॉर द नेशन कार्यक्रम के प्रथम चरण की अपार सफलता के बाद बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना द्वारा मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0 कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत 2 जनवरी से की गई है। यह कार्यक्रम 1 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक आयोजित प्रथम चरण के सकारात्मक परिणामों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कार्यक्रम की सफलता और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए अवर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की सचिव नेहा दयाल ने कहा कि मध्यस्थता (मेडिएशन) विवाद निपटारे का एक प्रभावी, गोपनीय और पूर्णतः स्वैच्छिक माध्यम है।इस प्रक्रिया से न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को भी कम करने में यह सहायक सिद्ध हो रही है।

उन्होंने बताया कि मध्यस्थता की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी भी पक्ष पर निर्णय थोपा नहीं जाता। एक निष्पक्ष मध्यस्थ की उपस्थिति में दोनों पक्षों को आपसी संवाद और सहयोग के माध्यम से समाधान तक पहुंचने का अवसर मिलता है। इससे न केवल विवाद का स्थायी समाधान निकलता है, बल्कि आपसी संबंध भी बने रहते हैं।सचिव नेहा दयाल ने जानकारी दी कि इसी क्रम में बक्सर लोक अदालत में अब तक 50 मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निपटारे हेतु चिन्हित किया जा चुका है।इन मामलों के समाधान से संबंधित पक्षों को शीघ्र और सुलभ न्याय मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि वर्षों तक अदालतों में लंबित रहने वाले मामलों से पक्षकारों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ता है, जबकि मध्यस्थता इस जटिलता को सरल बनाती है।उन्होंने आगे कहा कि अक्सर लंबी न्यायिक प्रक्रिया के कारण रिश्तों में कटुता आ जाती है, लेकिन मध्यस्थता में दोनों पक्षों को समान अवसर मिलता है और आपसी सहमति से समाधान खोजा जाता है। यही कारण है कि मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0 कार्यक्रम को जनहित में एक सशक्त पहल माना जा रहा है, जो त्वरित न्याय और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देगा।इस कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों को वैकल्पिक विवाद समाधान के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे न्यायालयों के बाहर भी शांतिपूर्ण और सम्मानजनक समाधान अपना सकें।