मानवता की मिसाल: रेनफो हॉस्पिटल ने किडनी मरीज का निःशुल्क इलाज कर लौटाई जीने की उम्मीद

बक्सर जिले में निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच रेनफो हॉस्पिटल ने एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने चिकित्सा को व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा का माध्यम साबित किया है। आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक किडनी मरीज का निःशुल्क इलाज कर अस्पताल प्रबंधन ने मानवता की मिसाल कायम की है।

मानवता की मिसाल: रेनफो हॉस्पिटल ने किडनी मरीज का निःशुल्क इलाज कर लौटाई जीने की उम्मीद

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर जिले में निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बीच रेनफो हॉस्पिटल ने एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने चिकित्सा को व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा का माध्यम साबित किया है। आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रहे एक किडनी मरीज का निःशुल्क इलाज कर अस्पताल प्रबंधन ने मानवता की मिसाल कायम की है।मामला बक्सर जिले के मठिला गांव निवासी सत्येंद्र चौधरी से जुड़ा है, जिनकी दोनों किडनियां पिछले करीब छह माह से पूरी तरह खराब हैं। इलाज के लिए वे अपनी लगभग पूरी जमा-पूंजी खर्च कर चुके थे।

हालात इतने खराब हो गए थे कि परिवार को इलाज जारी रखने के लिए कर्ज लेना पड़ा और पत्नी को अपने गहने तक बेचने पड़े।हर महीने लगभग 24 हजार रुपये का खर्च परिवार के लिए असहनीय हो चुका था।इसी बीच जब सत्येंद्र चौधरी रेनफो हॉस्पिटल पहुंचे, तो उनकी स्थिति को देखते हुए अस्पताल के डायरेक्टर एवं प्रबंधक दिलीप कुमार ने संवेदनशील फैसला लिया। उन्होंने मरीज के संपूर्ण इलाज को पूरी तरह निःशुल्क करने का निर्देश दिया और अस्पताल कर्मियों से कहा कि मरीज व उसके परिजनों को हर संभव चिकित्सीय और मानवीय सहयोग दिया जाए।

इस दौरान बक्सर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे भी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने स्वयं इस पहल को देखा। उन्होंने कहा कि आज के दौर में, जब इलाज आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है, रेनफो हॉस्पिटल का यह कदम समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे सच्ची सेवा भावना का उदाहरण बताया।रेनफो हॉस्पिटल के इस निर्णय की चर्चा अब जिले भर में हो रही है। लोग इसे गरीब और असहाय मरीजों के लिए नई उम्मीद के रूप में देख रहे हैं। यह पहल साबित करती है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो चिकित्सा सेवा आज भी मानवता की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।