बूथ संख्या 217 के बीएलओ पर मनमानी का आरोप, 18 वर्ष के युवकों का वोटर आईडी नहीं बनाने की शिकायत
प्रखंड क्षेत्र के बूथ संख्या 217 के बीएलओ पर 18 वर्ष से अधिक आयु के युवकों का वोटर आईडी कार्ड नहीं बनाने का आरोप सामने आया है। यह आरोप खरवानिया वार्ड संख्या 1 के प्रतिनिधि रविकांत ने लगाया है। उन्होंने बीएलओ पर मनमानी और भेदभावपूर्ण कार्यशैली अपनाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक का उम्र 18 वर्ष 4 माह होने के बावजूद उसका वोटर आईडी कार्ड नहीं बनाने की बात कही जा रही है।
-- बीएलओ ने कहा वार्ड सदस्य प्रतिनिधि द्वारा लगाया जा रहा है बेबुनियाद आरोप
केटी न्यूज/केसठ।
प्रखंड क्षेत्र के बूथ संख्या 217 के बीएलओ पर 18 वर्ष से अधिक आयु के युवकों का वोटर आईडी कार्ड नहीं बनाने का आरोप सामने आया है। यह आरोप खरवानिया वार्ड संख्या 1 के प्रतिनिधि रविकांत ने लगाया है। उन्होंने बीएलओ पर मनमानी और भेदभावपूर्ण कार्यशैली अपनाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक का उम्र 18 वर्ष 4 माह होने के बावजूद उसका वोटर आईडी कार्ड नहीं बनाने की बात कही जा रही है। वार्ड प्रतिनिधि रविकांत के अनुसार, उन्होंने संबंधित युवक का आवेदन बीएलओ को दिया था, लेकिन बीएलओ ने यह कहकर टाल दिया कि उनके लॉगिन सिस्टम में वर्ष 2007 में जन्मे युवकों का नाम जोड़ने का विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए उसका वोटर आईडी अगले वर्ष ही बन सकेगा।

रविकांत का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि पूर्व में भी बीएलओ द्वारा इसी तरह मनमाने तरीके से काम किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का मन होता है, उनका वोटर आईडी बना दिया जाता है, जबकि अन्य के आवेदन लंबित रखे जाते हैं या टाल दिए जाते हैं। वहीं, इस मामले में जब नोडल बीएलओ अजय कुमार विक्रांत से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी युवकों का वोटर आईडी कार्ड उसी वर्ष बनाया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि वर्ष 2007 में जन्मे युवकों का नाम इस वर्ष नहीं जोड़ा जा सकता।वार्ड प्रतिनिधि ने बीएलओ के साथ हुई बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल कर दिया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीएलओ उनसे ठीक तरीके से बात नहीं करते हैं और उनके द्वारा दिए गए आवेदनों को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बूथ संख्या 217 के बीएलओ मिथिलेश कुमार ने दूरभाष पर बताया कि उनके द्वारा किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता है,सारे आरोप बेबुनियाद है। साथ ही उन्होंने कहा कि वार्ड सदस्य प्रतिनिधि के द्वारा मुझ पर जान बुझ कर आरोप लगा रहे है, वो दबाव डाल कर काम करवाना चाहते है। मुझे ब्लैकमेल करते है। और अपना धौंस दिखाते है।

