चार दिन से अंधेरे में ब्रह्मपुर फीडर, वैकल्पिक ग्रिड की व्यवस्था पर उठे सवाल

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर। बिजली संकट ने ब्रह्मपुर फीडर से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले चार दिनों से जारी अनियमित आपूर्ति के कारण लोगों का रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बुधवार दोपहर से गुरुवार दोपहर तक 24 घंटे में महज डेढ़ से दो घंटे बिजली मिलने की शिकायत सामने आई है। लगातार कटौती के कारण घरों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहीं कारोबार, बच्चों की पढ़ाई और सरकारी व निजी संस्थानों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।

चार दिन से अंधेरे में ब्रह्मपुर फीडर, वैकल्पिक ग्रिड की व्यवस्था पर उठे सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि डुमरांव ग्रिड के 80 एमवीए ट्रांसफॉर्मर में आई तकनीकी खराबी का असर ब्रह्मपुर फीडर पर लगातार क्यों बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार ब्रह्मपुर, रघुनाथपुर और देकुली फीडर देकुली-महाराजगंज ग्रिड से जुड़े हैं। ऐसे में वैकल्पिक ग्रिड से जुड़े होने के बावजूद ब्रह्मपुर में बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाना विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

__ अस्पताल और बैंक का काम भी प्रभावित

बिजली संकट का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। रघुनाथपुर स्थित ब्रह्मपुर प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अनियमित बिजली आपूर्ति से कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा केनरा बैंक, स्टेट बैंक समेत अन्य संस्थानों में भी बिजली कटौती के कारण परेशानी बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मोटर नहीं चलने से पेयजल संकट गहराता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की कटौती पहले भी होती रही है, लेकिन लगातार चार दिनों तक आपूर्ति व्यवस्था के इस तरह चरमराने से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। लोगों को सबसे अधिक परेशानी इस बात को लेकर है कि उन्हें समस्या के वास्तविक कारण और आपूर्ति बहाल होने की समय-सीमा की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है।

__ 11 फीडरों को आपूर्ति, फिर ब्रह्मपुर क्यों उपेक्षित?

रघुनाथपुर निवासी शैलेश ओझा ने बिजली संकट को लेकर ऊर्जा विभाग के सचिव से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सचिव को ईमेल भेजने के साथ राज्य स्तरीय सहयोग पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है।

ओझा का कहना है कि देकुली-महाराजगंज ग्रिड से डुमरांव ग्रिड से जुड़े 11 फीडरों को बिजली उपलब्ध कराए जाने की जानकारी है। यदि वैकल्पिक ग्रिड में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है तो ब्रह्मपुर फीडर को नियमित आपूर्ति क्यों नहीं दी जा रही, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर उपलब्ध अतिरिक्त बिजली से ब्रह्मपुर फीडर की आपूर्ति बहाल की जा सकती है।

__ अधिकारियों से संपर्क नहीं होने पर बढ़ा आक्रोश

स्थानीय स्तर पर शिकायतों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने पर कई बार मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिलते हैं। इससे समस्या की जानकारी देने और समाधान की स्थिति जानने में भी कठिनाई हो रही है।

ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर ब्रह्मपुर फीडर की बिजली आपूर्ति सामान्य कराने की मांग की है। वहीं शैलेश ओझा ने वरीय अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि वैकल्पिक ग्रिड से जुड़े फीडर में चार दिनों से बिजली संकट की वास्तविक वजह क्या है।