चैती छठ को लेकर बक्सर के गंगा घाटों पर अलर्ट, डीएम-एसपी ने नाव से किया निरीक्षण
चैती छठ पूजा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बक्सर नगर क्षेत्र के गंगा घाटों पर तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने गुरुवार को नाव के माध्यम से संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान घाटों की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और साफ-सफाई को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए।

-- साफ-सफाई, सुरक्षा और रोशनी पर सख्त निर्देश, 24-25 मार्च को निजी नावों के परिचालन पर पूर्ण रोक
केटी न्यूज/बक्सर
चैती छठ पूजा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में बक्सर नगर क्षेत्र के गंगा घाटों पर तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने गुरुवार को नाव के माध्यम से संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान घाटों की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और साफ-सफाई को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए।निरीक्षण टीम में अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहे।

अधिकारियों ने घाटों की वर्तमान स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और कमियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि छठ पूजा के लिए चिन्हित पक्का घाटों के आसपास बने कच्चे घाटों की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था कर संभावित खतरे वाले क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए। घाटों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।डीएम ने स्पष्ट कहा कि घाटों पर जमा कचरे को अविलंब हटाया जाए और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए।

इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चेंजिंग रूम, अस्थायी शौचालय और यूरिनल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की मरम्मत और आवश्यक स्थानों पर ड्रॉप गेट लगाने के निर्देश भी दिए गए।नगर क्षेत्र के सभी छठ घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे हाई मास्ट लाइटों की जांच कर उन्हें जल्द से जल्द चालू करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि पर्याप्त रोशनी से न सिर्फ सुविधा बढ़ेगी बल्कि सुरक्षा भी मजबूत होगी।सुरक्षा के दृष्टिकोण से अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी प्रमुख घाटों पर लाइफ जैकेट से लैस नाव, नाविक और गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की जाए।

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने और समन्वय बनाकर रखने को कहा गया है।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आया। सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सभी प्रमुख घाटों पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए और बोट क्लीनिक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके।विधि-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। छठ पर्व के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लेते हुए जिलाधिकारी ने 24 मार्च से 25 मार्च तक गंगा नदी में निजी नावों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।इसके अलावा प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि बक्सर अनुमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित छठ घाटों की भी साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।प्रशासन का कहना है कि छठ पर्व आस्था का महापर्व है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

