केटी न्यूज़/बिहार
बिहार के करीब 45 हजार राजस्व गांवों में जमीन सर्वे का काम चल रहा है।उलट राज्य में अभी भी जमीन विवाद के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला बेगूसराय जिले का है, जहां जमीन सर्वे में अमीन की नापी के दौरान जमीन में हिस्सेदारी को लेकर भतीजे ने अपने 70 वर्षीय चाचा सूर्य नारायण महतो की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
घटना के संबंध में मृतक के पुत्र रामनाथ महतो ने बताया कि तकरीबन 9:30 बजे मेरे चाचा एवं उनका लड़का हमारे घर आए और कहने लगे कि अमीन आया है सर्वे के लिए खेत पर चलिए। इसके बाद मेरे पिता, चाचा एवं मेरा चचेरा भाई खेत पर सर्वे करने पहुंचे। जहां सर्वे करने वाले ने कहा, किसका कौन सा हिस्सा है? इस पर मेरे पिता ने अपना हिस्सा बताया, तब मेरे चाचा और मेरे चचेरे भाई ने मेरे पिता से कहा कि आपका यहां कोई हिस्सा नहीं है। ऐसा आपको सर्वे करने वाले को बोलना होगा। इस बात का मेरे पिता ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि तुमलोग फर्जीवाड़ा करना चाह रहे हो, यह पूर्वजों की जमीन है, इसमें सबका हिस्सा है। तब सभी लोग मेरे पिता के साथ मारपीट करने लगे। मारपीट करने वाले में मंटुन महतो, रंजीत महतो, कृष्णनंदन महतो एवं मंटुन महतो की पत्नी रेखा देवी शामिल थी।
परिजन सूर्य नारायण महतो को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बखरी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तत्काल परिजनों ने घटना की सूचना बखरी थाना पुलिस को दी। बखरी थाना पुलिस सूचना मिलते ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी। घटना के संबंध में मृतक की पुत्रवधू रेणु देवी ने बताया कि मेरे ससुर घर में खाना खा रहे थे, तभी उनका भतीजा पहुंचा और जमीन सर्वे के लिए नापी में चलने की बात कही। इसके बाद सूर्य नारायण महतो जमीन पर पहुंचे। इस दौरान सूर्य नारायण महतो ने अपने भतीजा को कहा कि इस जमीन में तीनों भाइयों का हिस्सा होगा, जिस पर उनका भतीजा महेंद्र महतो और अन्य ने कहा कि उस जमीन की जोत वो करते हैं, इसलिए दो भाइयों में ही बंटेगा। इसी को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसके बाद आरोप है कि सूर्य नारायण महतो और उनका पोता ने इसका विरोध किया तो दोनों पर हमला कर दिया। फिर सूर्य नारायण महतो के गमछा से फांसी लगा दी और उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत मौके पर ही हो गई।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब जमीन सर्वे का काम शुरू किया था, तब उन्होंने कहा था कि इससे जमीन संबंधित होने वाले अपराधों में कमी आएगी, लेकिन इसके उलट राज्य में अभी भी जमीन विवाद के मामले सामने आ रहे हैं।




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