रामपुर पंचायत में नाली निर्माण योजना की जियो टैगिंग पर सवाल
खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामपुर अंतर्गत ग्राम दसिआंव के वार्ड संख्या 13 में पन्द्रहवां वित्त आयोग मद से कराए गए नाली निर्माण कार्य को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। योजना पंकज दुबे के घर से कन्हैया दुबे के घर तक नाली निर्माण से संबंधित है।प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना संख्या 07/2023-24, योजना कोड 71140833 के तहत 2 लाख 49 हजार 300 की प्राक्कलित राशि से कार्य कराया गया है।
योजना के क्रियान्वयन के दौरान पंचायत सचिव सुरेंद्र प्रसाद मल्लाह की जिम्मेदारी बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यस्थल पर योजना का अनिवार्य स्थायी साइन बोर्ड नहीं लगाया गया। इसके बजाय कंप्यूटर से एडिट किए गए साइन बोर्ड की तस्वीर के माध्यम से जियो टैगिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ है तो यह सरकारी नियमों का उल्लंघन है।सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी योजना की शुरुआत से पूर्व कार्यस्थल पर योजना संख्या, प्राक्कलित राशि, मद, संवेदक एवं संबंधित पदाधिकारियों की जानकारी वाला स्थायी साइन बोर्ड लगाना आवश्यक होता है। इसके बाद ही जियो टैगिंग की प्रक्रिया की जाती है, ताकि कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना भौतिक साइन बोर्ड के केवल डिजिटल माध्यम से प्रक्रिया पूरी करना गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रखंड प्रशासन एवं संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
इस सम्बंध में पंचायत राज पदाधिकारी अभय कुमार ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
