क्रोएशिया से अल्बानिया तक बढ़ा भरोसा, भारतीय टीम में फिर जिम्मेदारी संभालेंगे बक्सर के अविनाश
जिले के चौसा कस्बे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके अविनाश पहलवान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में यूरोप में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज के तहत क्रोएशिया में भारतीय कुश्ती टीम के सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में सफल भूमिका निभाने के बाद अब उनका चयन 25 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक अल्बाइना में आयोजित द्वितीय वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज के लिए किया गया है। लगातार दूसरी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी ने उनके अनुभव और समर्पण पर मुहर लगा दी है।
केटी न्यूज/बक्सर।
जिले के चौसा कस्बे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कुश्ती जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके अविनाश पहलवान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में यूरोप में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज के तहत क्रोएशिया में भारतीय कुश्ती टीम के सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में सफल भूमिका निभाने के बाद अब उनका चयन 25 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक अल्बाइना में आयोजित द्वितीय वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज के लिए किया गया है। लगातार दूसरी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी ने उनके अनुभव और समर्पण पर मुहर लगा दी है।चौसा निवासी अविनाश पहलवान वर्तमान में भारतीय सेना में कार्यरत हैं।

अनुशासन, प्रतिबद्धता और कड़ी मेहनत उनके व्यक्तित्व की पहचान है। खिलाड़ी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके अविनाश अब पर्दे के पीछे रहकर खिलाड़ियों को रणनीतिक और तकनीकी सहयोग प्रदान कर रहे हैं। उनका मानना है कि टीम की सफलता केवल मैट पर उतरने वाले खिलाड़ियों से नहीं, बल्कि मजबूत सपोर्ट सिस्टम से भी तय होती है।तीनों सेनाओं की संयुक्त कुश्ती टीम के साथ वे पहले नार्थ मैकडोनियां, यूक्रेन और चाइना सहित कई देशों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। उनका अनुभव अब भारतीय टीम की तैयारी को नई मजबूती दे रहा है।

अपने चयन पर खुशी जताते हुए अविनाश ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह, बिहार कुश्ती संघ के अध्यक्ष विशाल सिंह और सचिव विनय सिह सहित अन्य पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।उनकी इस उपलब्धि से बक्सर जिले और पूरे बिहार में गर्व का माहौल है। स्थानीय खेल प्रेमियों का मानना है कि अविनाश जैसे समर्पित व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनका यह सफर जिले के खेल प्रतिभाओं के लिए नई राह खोल रहा है।

