कतीकनार में राजस्व महाअभियान शिविर में अव्यवस्था, रैयतों में आक्रोश

प्रखंड क्षेत्र के कतीकनार गांव स्थित पंचायत भवन सभागार में शनिवार को आयोजित राजस्व महाअभियान शिविर अव्यवस्था का शिकार हो गया। सरकार द्वारा रैयतों की समस्याओं का त्वरित निपटारा और सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में व्यवस्थाओं की भारी कमी साफ झलक रही थी।शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और तैयारी के अभाव के कारण हालात बिगड़ गए।

कतीकनार में राजस्व महाअभियान शिविर में अव्यवस्था, रैयतों में आक्रोश

केटी न्यूज/केसठ  

प्रखंड क्षेत्र के कतीकनार गांव स्थित पंचायत भवन सभागार में शनिवार को आयोजित राजस्व महाअभियान शिविर अव्यवस्था का शिकार हो गया। सरकार द्वारा रैयतों की समस्याओं का त्वरित निपटारा और सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में व्यवस्थाओं की भारी कमी साफ झलक रही थी।शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और तैयारी के अभाव के कारण हालात बिगड़ गए।

भीड़ इतनी बढ़ गई कि हंगामे और शोर-शराबे का माहौल बन गया। उपस्थित रैयतों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार भले ही सुव्यवस्था का दावा करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति बिल्कुल उलट है।ग्रामीणों ने बताया कि शिविर में बैठने की समुचित व्यवस्था तक नहीं थी, वहीं पीने के पानी तक की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। गर्मी और भीड़ के कारण कई लोगों की हालत खराब हो गई, जिसके बाद आक्रोश और बढ़ गया।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड प्रमुख मुन्ना सिंह ने तत्काल डुमरांव एसडीएम और एडीएम को दूरभाष पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि राजस्व महाअभियान सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य जनता को सुविधाएं देना है, न कि उन्हें परेशान करना। यदि आगामी शिविरों में इस तरह की लापरवाही और अव्यवस्था रही तो यह योजना जनता के बीच विश्वास खो देगी।प्रखंड प्रमुख ने प्रशासन से मांग की है

कि अगले शिविरों में सुव्यवस्थित पंडाल, बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी और भीड़ प्रबंधन के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उधर, शिविर में फैली अव्यवस्था की चर्चा पूरे प्रखंड में जोरों पर है और लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।