डुमरांव में ठंड बढ़ी, ऊनी कपड़ों की मांग तेज
डुमरांव में तापमान में लगातार गिरावट के साथ ही बाजारों में सर्दी का असर साफ दिखने लगा है। शहर के पुराना भोजपुर स्थित भगवती एंटरप्राइजेज में इन दिनों ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। अचानक ठंड बढ़ने के बाद से लोगों ने गर्म कपड़ों की खरीददारी तेज कर दी है। दुकान के प्रोपराइटर सौरव कुमार पाठक, मनीष कुमार और संदीप पाठक बताते हैं कि पिछले एक सप्ताह में बिक्री कई गुना बढ़ गई है।

केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव में तापमान में लगातार गिरावट के साथ ही बाजारों में सर्दी का असर साफ दिखने लगा है। शहर के पुराना भोजपुर स्थित भगवती एंटरप्राइजेज में इन दिनों ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। अचानक ठंड बढ़ने के बाद से लोगों ने गर्म कपड़ों की खरीददारी तेज कर दी है। दुकान के प्रोपराइटर सौरव कुमार पाठक, मनीष कुमार और संदीप पाठक बताते हैं कि पिछले एक सप्ताह में बिक्री कई गुना बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि ठिठुरन भरी सुबह और शाम के चलते जैकेट, स्वेटर, मफलर, मंकी कैप और अन्य ऊनी वस्त्रों की मांग अचानक बढ़ गई है। लोग परिवार के साथ पहुंचकर बड़े पैमाने पर खरीददारी कर रहे हैं। दुकान में एडिडास, यूएस पोलो, डॉलर, कैल्विन क्लीन सहित कई ब्रांडों के कपड़े उपलब्ध हैं, जो ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार, इस बार बाजार में हल्के लेकिन ज्यादा गर्म रखने वाले कपड़ों का नया कलेक्शन ग्राहकों को काफी पसंद आ रहा है।

युवाओं में ट्रेंडी हूडी और जैकेट की बिक्री में खास बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं बच्चों और बुजुर्गों के लिए थर्मल वियर की भी अच्छी मांग बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि त्योहारों के बाद बाजार में कुछ समय के लिए रौनक कम हो गई थी, लेकिन ठंड का असर बढ़ते ही ग्राहकों की आवाजाही फिर से बढ़ गई है। सुबह-सुबह कोहरा और तेज हवा के कारण बिना गर्म कपड़ों के निकलना मुश्किल हो रहा है, यही वजह है कि ऊनी कपड़ों की खरीददारी लगातार बढ़ रही है।

व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान और नीचे गिर सकता है, जिससे बिक्री नए रिकॉर्ड बना सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सर्दी की तेजी ने बाजारों में फिर से चहल-पहल ला दी है और कपड़ा व्यापारियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। कुल मिलाकर, ठंड की शुरुआत ने डुमरांव के कपड़ा बाजार को एक बार फिर गर्माहट दे दी है और व्यापारी सीजन को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
