न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सरल, सुलभ और समाजोन्मुख बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक - हर्षित सिंह
बक्सर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में मेडिएशन फॉर द नेशन कार्यक्रम और नालसा द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार हर्षित सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उनके प्रकोष्ठ में हुई, जिसमें न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता और जिला प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।

-- बक्सर में मेडिएशन फॉर द नेशन और नालसा की योजनाओं पर समीक्षा बैठक आयोजित
-- राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी के साथ आशा व सितारा योजना के सफल क्रियान्वयन पर जोर
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में मेडिएशन फॉर द नेशन कार्यक्रम और नालसा द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के सफल संचालन को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार हर्षित सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक उनके प्रकोष्ठ में हुई, जिसमें न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता और जिला प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि मेडिएशन फॉर द नेशन कार्यक्रम एक जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है। इस अवधि में बड़ी संख्या में वादों का निपटारा आपसी सहमति और सुलह के आधार पर किया गया। साथ ही विधिक सहायता प्रतिरक्षा प्रणाली की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई, जिसके तहत गरीब और असहाय वर्ग को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नालसा द्वारा चलाई जा रही आशा योजना, जिसका उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को सशक्त करना है, तथा सितारा योजना, जो ट्रांसजेंडर समुदाय के उत्थान और मुख्यधारा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, की भी प्रगति पर चर्चा हुई। अध्यक्ष हर्षित सिंह ने उपस्थित अधिकारियों और पैनल अधिवक्ताओं को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
अवर न्यायाधीश सह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नेहा दयाल ने बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि अधिक से अधिक सुलहनिये वादों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए ताकि न्यायपालिका पर बोझ कम हो और आमजन को शीघ्र न्याय मिल सके। बताते चलें कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 13 सितंबर 2025 को किया जाएगा।
बैठक में प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार प्रथम, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश देवराज, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार सहित प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़े पैनल अधिवक्ता विनय कुमार सिंहा, कुमार मानवेंद्र, संजय कुमार चौबे, अभिनव वशिष्ट और विकास यादव आदि उपस्थित रहे।
बैठक का निष्कर्ष रहा कि न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सरल, सुलभ और समाजोन्मुख बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। खासतौर पर मध्यस्थता, विधिक सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्ग को न्याय दिलाना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।