मंदिर निर्माण के विवाद में पार्षद पर हमला, परिवार के चार समेत आधा दर्जन घायल

पुराना भोजपुर में मंदिर निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कहासुनी के बाद वार्ड संख्या चार के पार्षद एवं पुराना भोजपुर निवासी लक्ष्मण कुमार चौधरी पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया। हमले में पार्षद के अलावा उनकी पत्नी, पुत्री और भतीजा समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए।

मंदिर निर्माण के विवाद में पार्षद पर हमला, परिवार के चार समेत आधा दर्जन  घायल

__ 14 नामजद के खिलाफ प्राथमिकी, लाठी-डंडे व रॉड से घेरकर मारपीट करने का आरोप; पुलिस गिरफ्तारी के लिए कर रही छापेमारी

केटी न्यूज/डुमरांव।

पुराना भोजपुर में मंदिर निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कहासुनी के बाद वार्ड संख्या चार के पार्षद एवं पुराना भोजपुर निवासी लक्ष्मण कुमार चौधरी पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया। हमले में पार्षद के अलावा उनकी पत्नी, पुत्री और भतीजा समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।बताया जाता है कि गांव में मंदिर निर्माण को लेकर पार्षद और कुछ ग्रामीणों के बीच विवाद शुरू हुआ था। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान करीब 14 लोगों ने पार्षद को घेर लिया और लाठी-डंडे तथा रॉड से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में पार्षद गंभीर रूप से घायल हो गए।पार्षद के साथ मारपीट होते देख उनके परिवार के सदस्य बीच-बचाव के लिए पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और मारपीट कर घायल कर दिया। घटना में पार्षद की पत्नी, पुत्री और भतीजे समेत अन्य लोग भी चोटिल हुए हैं।

__ सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस, अस्पताल में कराया गया इलाज

घटना की जानकारी मिलते ही नया भोजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल भेजा। उपचार के बाद पार्षद के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में 14 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है।

मंदिर निर्माण को लेकर पहले से चल रहा था विवाद

नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मंदिर निर्माण को लेकर आपस में विवाद हुआ था, जो बाद में मारपीट में बदल गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और प्राथमिकी में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।