स्वास्थ्य सेवा के समर्पित प्रहरी व डुमरांव निवासी डॉ. कामेश्वर सिंह पंचतत्व में विलीन

स्वास्थ्य सेवा को अपना जीवन समर्पित करने वाले उत्तर प्रदेश चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. कामेश्वर सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की खबर मिलते ही डुमरांव से लेकर गोरखपुर तक चिकित्सा जगत, सामाजिक क्षेत्र और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।

स्वास्थ्य सेवा के समर्पित प्रहरी व डुमरांव निवासी डॉ. कामेश्वर सिंह पंचतत्व में विलीन

__ पूर्व संयुक्त निदेशक ने कोरोना और डेंगू संकट में निभाई थी अहम भूमिका, चिकित्सा जगत में शोक की लहर

केटी न्यूज/डुमरांव

स्वास्थ्य सेवा को अपना जीवन समर्पित करने वाले उत्तर प्रदेश चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. कामेश्वर सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की खबर मिलते ही डुमरांव से लेकर गोरखपुर तक चिकित्सा जगत, सामाजिक क्षेत्र और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।नगर के छठिया पोखरा निवासी डॉ. सिंह ने अपने लंबे प्रशासनिक और चिकित्सकीय जीवन में हजारों मरीजों की सेवा कर एक अलग पहचान बनाई। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने जनसेवा का दायित्व नहीं छोड़ा और गोरखनाथ मठ द्वारा संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय में अपर निदेशक के रूप में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर में अस्पताल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में उनके योगदान की व्यापक सराहना हुई थी। वहीं गोरखपुर में डेंगू के बढ़ते प्रकोप के दौरान गोरखनाथ ब्लड बैंक एवं प्लेटलेट्स सेंटर के माध्यम से रक्त एवं प्लेटलेट्स की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कराने में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। उनके कार्यों की प्रशंसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अस्पताल प्रबंधन द्वारा कई अवसरों पर की गई थी।पूर्वांचल के प्रतिष्ठित चिकित्सक एवं कुशल स्वास्थ्य प्रशासक के रूप में पहचान रखने वाले डॉ. सिंह पिछले दो महीनों से अस्वस्थ चल रहे थे। आंत और फेफड़े में संक्रमण के कारण उनका इलाज लखनऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक नगर डुमरांव लाया गया। शनिवार की सुबह बक्सर के चरित्रवन मुक्तिधाम में सैकड़ों लोगों, परिजनों, शुभचिंतकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. कामेश्वर सिंह का जीवन चिकित्सा सेवा, मानवीय संवेदनाओं और जनकल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण था।