सरेंजा में प्रशासन गांव के द्वार, सहयोग शिविर में 77 मामलों का मौके पर हुआ समाधान

ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान को गांव स्तर पर ही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को चौसा प्रखंड के सरेंजा पंचायत स्थित खेल मैदान में विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना भाग-3 के तहत संचालित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल निपटारा किया। शिविर में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

सरेंजा में प्रशासन गांव के द्वार, सहयोग शिविर में 77 मामलों का मौके पर हुआ समाधान

__ 177 आवेदन प्राप्त, भूमि विवाद और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों की रही अधिकता, शेष आवेदनों के त्वरित निस्तारण का आश्वासन

केटी न्यूज/चौसा

ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान को गांव स्तर पर ही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को चौसा प्रखंड के सरेंजा पंचायत स्थित खेल मैदान में विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना भाग-3 के तहत संचालित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने आमजन की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का तत्काल निपटारा किया। शिविर में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।शिविर के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। राजस्व एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा, विद्युत, स्वास्थ्य, आवास, कृषि, पशुपालन, आपूर्ति और अन्य विभागों से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए।

अधिकारियों ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया।उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। इसी उद्देश्य से सहयोग शिविरों का आयोजन पंचायत स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।शिविर में ग्रामीणों की सुविधा के लिए अलग-अलग विभागों के सहायता काउंटर स्थापित किए गए थे।

आवेदन लिखने में असमर्थ लोगों के लिए विशेष सहायता व्यवस्था भी की गई, जिससे प्रत्येक व्यक्ति अपनी समस्या प्रशासन तक पहुंचा सके।प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज पासवान ने बताया कि शिविर में सामाजिक सुरक्षा, राजस्व, आईसीडीएस, मनरेगा, सहकारिता, श्रम प्रवर्तन, लघु सिंचाई, विद्युत, ग्रामीण आवास, पीएचईडी, जीविका, पशुपालन तथा कृषि विभाग समेत विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 177 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 77 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष 100 आवेदनों पर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।शिविर के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि गांव में ही अधिकारियों की मौजूदगी से समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनी है।