उद्यमियों से बोलीं डीएम साहिला : परंपरागत नहीं, मूल्य संवर्धन करने वाले उद्योग लगाएं

समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में शुक्रवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में उद्यमी संवाद सह विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में जिले में उद्योगों के विकास, गंगा स्वच्छता, घाटों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

उद्यमियों से बोलीं डीएम साहिला : परंपरागत नहीं, मूल्य संवर्धन करने वाले उद्योग लगाएं

--गंगा स्वच्छता, घाट सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास में उद्योग जगत से मांगे प्रस्ताव

केटी न्यूज/बक्सर

समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में शुक्रवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में उद्यमी संवाद सह विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक में जिले में उद्योगों के विकास, गंगा स्वच्छता, घाटों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि अब केवल पारंपरिक उत्पादों तक सीमित रहने के बजाय ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जो उत्पादों में मूल्य वृद्धि कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और बाजार दोनों का विस्तार करें।जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों की अच्छी संभावना है। यहां विभिन्न प्रकार के चीज जैसे मोजरेला और रिकोटा का उत्पादन किया जा सकता है। इसके अलावा टमाटर से सॉस और गाढ़ा रस, आलू से चिप्स तथा अदरक और प्याज का पेस्ट तैयार करने वाली इकाइयों की स्थापना से किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।कार्यक्रम में सेंटर ऑफ रेजिलिएन्स के प्रबंधक कुमार प्रशांत ने “स्वच्छ गंगा बक्सर अभियान” और शहर के प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया।

उन्होंने घाटों की नियमित सफाई, गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने तथा विभिन्न विषयों पर आधारित आकर्षक चौराहों और पार्कों के विकास की रूपरेखा साझा की।जिलाधिकारी ने कहा कि बक्सर का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व पूरे देश में विशेष पहचान रखता है। साथ ही यहां की बेहतर संपर्क व्यवस्था इसे पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। यदि योजनाबद्ध तरीके से विकास किया जाए तो बक्सर धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है।उन्होंने जिले की औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपनी सामाजिक दायित्व निधि के तहत गंगा स्वच्छता, घाटों के विकास और शहर के सौंदर्यीकरण में सहयोग के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराएं।

इस पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाते हुए जल्द प्रस्ताव देने का आश्वासन दिया।बैठक में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग, वाणिज्य कर विभाग के उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी, बियाडा परियोजना प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक तथा एसएलएमजी बेवरेज, वरुण बेवरेज, जेके सीमेंट और भारत प्लस इथेनॉल सहित कई औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि एवं नए उद्यमी उपस्थित रहे।