नुआंव गांव में बाल विवाह व लैंगिक उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

प्रखण्ड डुमरांव के नुआंव गांव में महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, बक्सर की ओर से एक मासिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह, लैंगिक उत्पीड़न सहित सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था।

नुआंव गांव में बाल विवाह व लैंगिक उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

-- मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को सरकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

केटी न्यूज/डुमरांव

प्रखण्ड डुमरांव के नुआंव गांव में महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, बक्सर की ओर से एक मासिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह, लैंगिक उत्पीड़न सहित सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं, किशोरियों और ग्रामीणों के साथ बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनन प्रावधानों और इसके सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

साथ ही लैंगिक उत्पीड़न के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देते हुए इससे बचाव और सहायता प्राप्त करने के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि जागरूकता और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से ही इन कुरीतियों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम की मिशन शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 181, आपातकालीन सेवा 112, महिला पुनर्वास कोष, कौशल विकास कार्यक्रम आदि शामिल हैं।

महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में वे इन हेल्पलाइन नंबरों का निःसंकोच उपयोग कर सकती हैं।कार्यक्रम में एक ही छत के नीचे उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। जिला स्तर पर जिला नियोजन कार्यालय द्वारा दी जा रही सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत विधवा एवं वृद्धा पेंशन, जिला नियोजन एवं परामर्श केंद्र की सेवाएं तथा जिला प्रशासन के अंतर्गत संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और इसके लिए जागरूकता सबसे अहम कड़ी है।

प्रचार एवं जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लैंगिक विशेषज्ञ शिवांगी, डाटा ऑपरेटर रविकांत पासवान, महिला प्रतिभा सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से ग्रामीणों से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं का विरोध करें, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा दें और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन से संपर्क करें।कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।