-- राजपुर थाना परिसर में आयोजित जनता दरबार में जमीन विवाद, फसल क्षति और अवैध शराब के मुद्दे छाए, एसपी ने दिए त्वरित निर्देश
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर थाना परिसर में पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के नेतृत्व में आयोजित जनता दरबार प्रशासन और आम जनता के बीच सीधे संवाद का मंच बना। एसपी के पहुंचते ही पुलिस पदाधिकारियों द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद जनता दरबार की कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें ग्रामीणों ने बेझिझक अपनी समस्याएं रखीं।दरबार को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की मंशा है कि गांव और समाज में आपसी विवाद खत्म हों और शांति व्यवस्था मजबूत हो।उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कार्रवाई की संस्था नहीं है, बल्कि समस्याओं के समाधान में भी जनता की सहभागी है।यदि किसी को कोई परेशानी है तो वह सीधे थाना स्तर के पदाधिकारियों से संपर्क करें, जरूरत पड़े तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक भी अपनी बात पहुंचा सकते हैं।

एसपी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण हुआ है, लेकिन अब भी सामाजिक सहयोग की जरूरत है। उन्होंने माना कि प्रचार के अभाव में अपेक्षाकृत कम लोग जनता दरबार तक पहुंच सके, फिर भी जो फरियादी आए, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया।जनता दरबार में सबसे अधिक जमीन विवाद के मामले सामने आए। तियरा निवासी भीम चौबे ने वर्षों पुराने पारिवारिक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उनके दादा ने पाटीदार के हिस्से की जमीन छोड़कर अपना घर बनाया था, इसके बावजूद बार-बार जबरन जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।उन्होंने न्याय न मिलने की पीड़ा भी साझा की। इस पर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पदाधिकारियों को कागजात की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया और आपसी सुलह की दिशा में भी प्रयास करने को कहा।

संगरांव से पहुंचे दिवाकर पांडेय ने खेती से जुड़े विवाद को उठाया। उन्होंने बताया कि डिहरी निवासी किसान उमाकांत राय और झूलन राय का खेत लेकर वे खेती कर रहे हैं, जिसमें गेहूं की फसल बोई गई है। आरोप लगाया गया कि विवेकानंद पांडेय और सोनू साह द्वारा खेत में जबरन पानी भर दिया गया, जिससे फसल को नुकसान पहुंचा है। इस पर एसपी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए दोनों पक्षों को शनिवार को थाना में उपस्थित होकर अपनी बात रखने के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया।ईटवा निवासी मनोज यादव ने बताया कि उनके जमीन विवाद में अंचलाधिकारी द्वारा फैसला आ चुका है और अब तक जमीन पर कब्जा नहीं हुआ है। इस पर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक आदेश का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा और यदि कोई जबरन कब्जा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

जनता दरबार में मौजूद जनप्रतिनिधियों से भी सामूहिक समस्याओं पर सुझाव मांगे गए। जिला परिषद सदस्य पूजा कुमारी ने गांवों में चोरी-छिपे शराब की आपूर्ति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सामाजिक शांति के लिए बड़ा खतरा है। वहीं शंभूनाथ मिश्रा ने भी कई गांवों में अवैध शराब की बिक्री की शिकायत की। इस पर एसपी ने पुलिस टीम को निगरानी बढ़ाने और ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए।जनता दरबार में एसडीपीओ गौरव पांडेय, इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह, थानाध्यक्ष निवास कुमार, एसआई शिव कुमार मंडल, सुभाष सिंह, मनीषा कुमारी, प्रमोद कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कुल मिलाकर जनता दरबार में प्रशासन की सक्रियता और समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा साफ नजर आया।





टिप्पणियां 0
टिप्पणी एडमिन की मंज़ूरी के बाद सबको दिखेगी। अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।