तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर डीके कॉलेज में संगोष्ठी, विद्यार्थियों को बताए तनाव मुक्ति के उपाय
स्थानीय डीके कॉलेज डुमरांव के सभागार में शुक्रवार को मनोविज्ञान विभाग की ओर से “मानसिक स्वरूप एवं तनाव” विषय पर एक ज्ञानवर्धक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ब्रास संगठन के अध्यक्ष एवं प्रख्यात प्रेरक वक्ता डॉ. ए.के. अरुण शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मानसिक तनाव, अवसाद और अफवाहों के दुष्प्रभावों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।


केटी न्यूज/डुमरांव
स्थानीय डीके कॉलेज डुमरांव के सभागार में शुक्रवार को मनोविज्ञान विभाग की ओर से “मानसिक स्वरूप एवं तनाव” विषय पर एक ज्ञानवर्धक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ब्रास संगठन के अध्यक्ष एवं प्रख्यात प्रेरक वक्ता डॉ. ए.के. अरुण शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मानसिक तनाव, अवसाद और अफवाहों के दुष्प्रभावों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए।कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वीणा कुमारी ने की। उन्होंने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ. अरुण ने देश-विदेश में व्यक्तित्व विकास, कार्य क्षमता और प्रेरणा से जुड़े विषयों पर कई प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए हैं तथा उनका अनुभव विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित होगा।संगोष्ठी के प्रथम सत्र में डॉ. अरुण ने जीवनशैली में बढ़ते दबाव, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक भ्रम को मानसिक तनाव का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, नियमित दिनचर्या और आत्मविश्वास के माध्यम से तनाव पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से बचने की भी सलाह दी।

द्वितीय सत्र प्रश्नोत्तर कार्यक्रम का रहा, जिसमें विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने मानसिक दबाव, पढ़ाई के तनाव और पारिवारिक समस्याओं से जुड़े सवाल पूछे। मुख्य वक्ता ने सभी जिज्ञासाओं का सरल भाषा में समाधान प्रस्तुत करते हुए परामर्श भी दिया।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई। मंच संचालन मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक सह आयोजन सचिव डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किया। संगोष्ठी के सफल आयोजन में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने सक्रिय सहयोग किया।

