गंगा में समाया पोता, घाट पर जल रही थी दादी की चिता; बिहार घाट पर फिर उठा सुरक्षा पर सवाल

नैनीजोर थाना क्षेत्र के बिहार घाट पर शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने आया 17 वर्षीय किशोर गंगा नदी में डूब गया। देर शाम तक चले सर्च अभियान के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं घाट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।

गंगा में समाया पोता, घाट पर जल रही थी दादी की चिता; बिहार घाट पर फिर उठा सुरक्षा पर सवाल

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर

नैनीजोर थाना क्षेत्र के बिहार घाट पर शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने आया 17 वर्षीय किशोर गंगा नदी में डूब गया। देर शाम तक चले सर्च अभियान के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं घाट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।जानकारी के अनुसार भोजपुर जिले के सुहियां गांव निवासी सूरज कुमार सिंह अपने परिजनों के साथ दादी के अंतिम संस्कार में बिहार घाट पहुंचा था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान सूरज समेत चार युवक गंगा में स्नान करने उतरे।

इसी दौरान सभी अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए। घाट पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन सूरज तेज बहाव और गहराई में समा गया।घटना की सूचना मिलते ही नैनीजोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने देर शाम तक गंगा में किशोर की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। प्रशासन ने शनिवार को भी खोज अभियान जारी रखने की बात कही है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बिहार घाट पर जिस स्थान पर लोग स्नान करते हैं, वहां गंगा की गहराई 80 से 90 फीट तक बताई जाती है।

इसके बावजूद घाट पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही बैरिकेडिंग या गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। लोगों का आरोप है कि इस घाट पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।एक ही दिन दादी की चिता जलने और पोते के गंगा में लापता होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घाट पर मौजूद लोगों की आंखें उस वक्त नम हो गईं, जब परिजन रोते-बिलखते सूरज की सलामती की दुआ मांगते नजर आए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और भय का माहौल है।