डुमरांव बनेगा डिजिटल मैप पर स्मार्ट शहर, 31 मार्च तक होगा जीआईएस सर्वे पूरा

डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब शहर का विकास पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) तकनीक के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत पूरे शहर का डिजिटल सर्वे और मैपिंग कर एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे विकास योजनाएं अधिक सटीक और प्रभावी बन सकें।

डुमरांव बनेगा डिजिटल मैप पर स्मार्ट शहर, 31 मार्च तक होगा जीआईएस सर्वे पूरा

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब शहर का विकास पारंपरिक तरीके से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) तकनीक के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत पूरे शहर का डिजिटल सर्वे और मैपिंग कर एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे विकास योजनाएं अधिक सटीक और प्रभावी बन सकें।नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे ने बताया कि 31 मार्च तक जीआईएस सर्वे का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस कार्य के लिए वीवीएन टेक्नोलॉजी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एक टाउन कोऑर्डिनेटर और 9 सर्वेयर की टीम शहर के सभी वार्डों में घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन और मैपिंग का काम करेगी।जीआईएस मैपिंग पूरी होने के बाद शहर की सड़कों, सरकारी भूखंडों, पार्कों, ग्रीन एरिया, सार्वजनिक भवनों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की अलग-अलग डिजिटल लेयर तैयार होगी। इससे नगर प्रशासन को योजना निर्माण और निगरानी में काफी सुविधा मिलेगी। आम नागरिक भी घर बैठे अपनी संपत्ति से जुड़ी जानकारी, होल्डिंग टैक्स, ऑनलाइन भुगतान, ट्रेड लाइसेंस और डिजिटल प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

नगर परिषद क्षेत्र की कई बस्तियां अब तक अव्यवस्थित तरीके से विकसित हुई हैं, जहां जल आपूर्ति, सीवरेज, सड़क और अन्य सुविधाओं की कमी है। जीआईएस डेटा के आधार पर इन क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकता के साथ विकास कार्य किए जाएंगे। साथ ही अतिक्रमण की पहचान कर नियोजन को सुव्यवस्थित किया जाएगा।शहरी विकास विभाग का मानना है कि यह पहल डुमरांव को योजनाबद्ध, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।