ब्रह्मपुर कृषि फार्म का डीएम ने किया निरीक्षण, नकदी फसलों व नई तकनीक पर दिया जोर
जिलाधिकारी साहिला ने गुरूवार को ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि फार्म का भ्रमण कर वहां चल रही गतिविधियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की रबी फसलों के आच्छादन की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने फसलों की स्थिति, उत्पादन पद्धति तथा खेतों में अपनाई जा रही तकनीकों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

-- किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और आधुनिक संयंत्रों के उपयोग के निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला ने गुरूवार को ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि फार्म का भ्रमण कर वहां चल रही गतिविधियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार की रबी फसलों के आच्छादन की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने फसलों की स्थिति, उत्पादन पद्धति तथा खेतों में अपनाई जा रही तकनीकों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी, बक्सर को निर्देशित किया कि इस कृषि फार्म में परंपरागत फसलों के साथ-साथ अन्य नकदी फसलों एवं फलदार पौधों का भी आच्छादन कराया जाए, ताकि किसान आधुनिक खेती की ओर आकर्षित हों।

उन्होंने कहा कि कृषि फार्म को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, जहां किसान आकर नई तकनीकों और उन्नत खेती पद्धतियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर सकें।निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने कृषि विभाग को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नवीन तकनीकों का बेहतर ढंग से उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से की गई खेती न केवल उत्पादन बढ़ाती है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि करती है। ऐसे में कृषि फार्म को प्रशिक्षण और प्रदर्शन इकाई के रूप में विकसित करना आवश्यक है।जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि किसानों को नकदी फसलों, फल उत्पादन एवं अन्य आयवर्धक फसलों के संबंध में बेहतर संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाया जाए।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर किसानों के लिए कार्यशाला, प्रशिक्षण शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि वे नवीन तकनीक, उन्नत बीज, उर्वरक प्रबंधन एवं सिंचाई पद्धति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना समय की मांग है। यदि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ बाजार की मांग के अनुरूप फसल उत्पादन करेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने तथा गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया।

