सरकारी योजनाओं से जुड़ाव की शर्त बना ई-केवाईसी, गांवों में उमड़ रहे किसान
सरकार की एग्री स्टैक पहल के तहत किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान से जोड़ने की कवायद अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। इसी क्रम में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में ई-केवाईसी और फार्मर आईडी पंजीकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
केटी न्यूज/चक्की।
सरकार की एग्री स्टैक पहल के तहत किसानों को एकीकृत डिजिटल पहचान से जोड़ने की कवायद अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। इसी क्रम में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में ई-केवाईसी और फार्मर आईडी पंजीकरण को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पंचायत भवनों और ई-किसान भवनों में लगाए गए शिविरों में किसानों की लगातार भीड़ देखी जा रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि ग्रामीण अब सरकारी योजनाओं को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं।शिविरों में पहुंचे किसान आधार कार्ड, भूमि से संबंधित दस्तावेज और मोबाइल फोन के साथ ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।

मौके पर मौजूद कर्मियों द्वारा किसानों को यह जानकारी दी जा रही है कि फार्मर आईडी बनना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसके बिना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डीजल अनुदान, फसल बीमा, कृषि ऋण सहित कई लाभकारी योजनाओं का लाभ भविष्य में नहीं मिल पाएगा।राजस्व कर्मचारी किसानों के जमीन कागजात की जांच कर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि से बचा जा सके।

वहीं किसान सलाहकार और कृषि विभाग से जुड़े कर्मी गांवों में भ्रमण कर लोगों को अभियान के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं। वे किसानों से अपील कर रहे हैं कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते शिविरों में पहुंचकर ई-केवाईसी अवश्य कराएं।अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अभियान 18 जनवरी तक चलेगा। निर्धारित अवधि में जिन किसानों का पंजीकरण नहीं हो पाएगा, उन्हें आगे चलकर योजनाओं का लाभ मिलने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने किसानों से सहयोग की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस डिजिटल प्रक्रिया से जुड़ सके।

