सिमरी जदयू प्रखंड अध्यक्ष चुनाव में विवाद गहराया

सिमरी प्रखंड परिसर स्थित सभागार भवन में रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) के प्रखंड अध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव को लेकर प्रखंड भर के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता प्रक्रिया में शामिल हुए।

सिमरी जदयू प्रखंड अध्यक्ष चुनाव में विवाद गहराया

--नामांकन निरस्त, रमेश पासवान निर्वाचित; नेताओं ने उठाए सवाल

केटी न्यूज/सिमरी

 सिमरी प्रखंड परिसर स्थित सभागार भवन में रविवार को जनता दल (यूनाइटेड) के प्रखंड अध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हुआ। चुनाव को लेकर प्रखंड भर के कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा गया और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता प्रक्रिया में शामिल हुए।निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। निर्धारित समय पर स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें वर्तमान प्रखंड अध्यक्ष सहित एक अन्य उम्मीदवार के नामांकन पत्र में त्रुटि पाए जाने की बात कही गई।

निर्वाचन पदाधिकारी ने आवश्यक कागजी औपचारिकताओं में कमी का हवाला देते हुए दोनों के पर्चे निरस्त कर दिए।इसके बाद शेष बचे उम्मीदवार रमेश पासवान को निर्वाचित पदाधिकारी द्वारा प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित घोषित कर दिया गया। औपचारिक घोषणा के साथ ही उनके समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और संगठन को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।हालांकि चुनाव परिणाम सामने आते ही विवाद भी गहरा गया। पूर्व प्रखंड अध्यक्ष नन्दजी राम ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत उनके नामांकन पत्र को त्रुटिपूर्ण करार दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए थे, इसके बावजूद उनका पर्चा रद्द किया गया।

उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर पटना जाकर पार्टी के राज्य स्तरीय पदाधिकारियों से मुलाकात करने और औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही।वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता विनोद राय ने भी निर्वाचन पदाधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अपने पक्ष के चहेते उम्मीदवार के प्रति उदारता बरती गई। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि संगठन में पारदर्शिता बनी रहे।चुनाव के दौरान प्रखंड कार्यालय परिसर में समर्थकों के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली, हालांकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। अब सभी की निगाहें पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस चुनाव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।