लोक शिकायतों की सुनवाई में डीएम ने किया दो मामलों का निष्पादन
जिलाधिकारी साहिला ने गुरुवार को समाहरणालय परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक शिकायत अधिकार निवारण अधिनियम के तहत प्राप्त द्वितीय अपील मामलों की सुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और अंचलों से संबंधित कुल 19 मामलों पर सुनवाई की गई।

केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला ने गुरुवार को समाहरणालय परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोक शिकायत अधिकार निवारण अधिनियम के तहत प्राप्त द्वितीय अपील मामलों की सुनवाई की। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और अंचलों से संबंधित कुल 19 मामलों पर सुनवाई की गई।सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने सभी मामलों की बारीकी से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अद्यतन प्रतिवेदन प्राप्त किया तथा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। कुल 19 लोक शिकायत अधिकार निवारण से संबंधित मामलों की सुनवाई में से दो मामलों का निष्पादन जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही कर दिया गया।

वहीं शेष मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।जिलाधिकारी ने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर करें तथा शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें स्थापना उप समाहर्ता बक्सर, प्रभारी पदाधिकारी आपदा शाखा बक्सर, भूमि सुधार उप समाहर्ता डुमरांव, अंचल अधिकारी चौसा तथा नावानगर शामिल थे।

इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद बक्सर, अंचलाधिकारी बक्सर तथा अंचलाधिकारी इटाढ़ी भी जुड़े रहे और अपने-अपने मामलों से संबंधित जानकारी जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई।लोक शिकायतों की सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा शिकायतों के निवारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने कहा कि लोक शिकायत अधिकार निवारण अधिनियम का उद्देश्य आम लोगों को त्वरित न्याय और प्रशासनिक राहत उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी अधिकारी इसकी भावना के अनुरूप कार्य करें।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

