मुक्त कारागार का डीएम साहिला ने लिया जायजा, बंदियों की सुविधाओं पर दिए जरूरी निर्देश
जिलाधिकारी साहिला ने शनिवार को मुक्त कारागार, बक्सर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारागार परिसर में बंदियों के आवासन, प्रबंधन, स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


__ औषधीय वाटिका ‘धन्वन्तरी उद्यान’ का किया उद्घाटन, पुस्तकालय को समृद्ध करने और स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर एटीएम लगाने का निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर।
जिलाधिकारी साहिला ने शनिवार को मुक्त कारागार, बक्सर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारागार परिसर में बंदियों के आवासन, प्रबंधन, स्वच्छता समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, बक्सर, वृत्ताधीक्षक (केंद्रीय कारा, बक्सर) सहित अन्य शासकीय परिदर्शक एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुक्त कारागार में संसीमित बंदियों के आवासन की व्यवस्था को देखा। उन्होंने बंदियों के रहने की सुविधाओं, परिसर के रखरखाव और कारागार प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। अधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी लेने के साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि बंदियों को निर्धारित सुविधाएं सुचारू रूप से मिलती रहें।

__औषधीय पौधों से सजेगा कारागार परिसर
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी साहिला ने मुक्त कारागार परिसर में तैयार किए गए ‘धन्वन्तरी उद्यान’ (औषधीय वाटिका) का उद्घाटन किया। इस औषधीय वाटिका से कारागार परिसर को हराभरा बनाने के साथ-साथ विभिन्न औषधीय पौधों के संरक्षण और उनके महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। उद्यान को परिसर के पर्यावरणीय विकास की दिशा में एक उपयोगी पहल माना जा रहा है।
__ पुस्तकालय को बेहतर बनाने पर जोर
जिलाधिकारी ने मुक्त कारागार में उपलब्ध पुस्तकालय को और अधिक समृद्ध एवं उपयोगी बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में बंदियों की जरूरत और रुचि के अनुरूप पुस्तकों की उपलब्धता बढ़ाई जाए, ताकि उन्हें अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। पुस्तकालय को ज्ञान, शिक्षा और सकारात्मक सोच विकसित करने का माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

__ पेयजल के लिए वाटर एटीएम लगाने का निर्देश
बंदियों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने मुक्त कारागार परिसर में वाटर एटीएम लगाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया, ताकि बंदियों को आसानी से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कारागार की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने साफ-सफाई, प्रबंधन और बंदियों को उपलब्ध सुविधाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

