लापरवाही पर डीएम का कड़ा एक्शन, लंबित मामलों पर अधिकारियों से मांगा जवाब

बक्सर की जिलाधिकारी साहिला ने सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों और प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रधान लिपिकों की समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश दिए।

लापरवाही पर डीएम का कड़ा एक्शन, लंबित मामलों पर अधिकारियों से मांगा जवाब

__ उपयोगिता प्रमाण पत्र, प्रभार हस्तांतरण, सेवांत लाभ और कोर्ट केसों के त्वरित निष्पादन के निर्देश, वेतन रोकने तक की चेतावनी

केटी न्यूज/डुमरांव

बक्सर की जिलाधिकारी साहिला ने सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों और प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रधान लिपिकों की समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई अहम निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई के भी निर्देश जारी किए।बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रधान सहायकों को निर्देश दिया कि जिला स्तर एवं जिला पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त होने वाले सभी पत्रों का अलग से पंजी संधारित किया जाए, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण पत्र के निष्पादन में देरी न हो।समीक्षा के दौरान आपदा मद से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) का मामला गंभीरता से सामने आया।

जिलाधिकारी ने पाया कि कई अंचलों में अब भी उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित पड़े हैं, जिसके कारण महालेखाकार, बिहार, पटना को प्रतिवेदन नहीं भेजा जा सका है। उन्होंने बताया कि पूर्व में कई बार बैठक और पत्राचार के माध्यम से संबंधित अंचलाधिकारियों को स्मरण कराया जा चुका है, बावजूद इसके स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इस पर स्थापना उप समाहर्ता, बक्सर को संबंधित अंचलाधिकारियों से कारण पृच्छा करने का निर्देश दिया गया।बैठक में स्थानांतरित कर्मियों द्वारा नए कार्यालयों में अब तक प्रभार नहीं सौंपने का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए स्थापना उप समाहर्ता को ऐसे कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने तथा आवश्यक होने पर उनका वेतन स्थगित करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि प्रभार का समय पर आदान-प्रदान नहीं होने से कार्यालयी कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।जिलाधिकारी ने सभी प्रधान लिपिकों को आपसी समन्वय बनाकर जुलाई माह तक सभी लंबित मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से भुगतान से संबंधित लंबित संचिकाओं का तत्काल निस्तारण करने को कहा गया।बैठक में न्यायालय से जुड़े सीडब्ल्यूजेसी एवं एमजेसी मामलों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित लिपिकों को निर्देश दिया कि इन मामलों में प्रतिवेदन प्राथमिकता के आधार पर समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि न्यायालय में किसी प्रकार की प्रशासनिक चूक न हो। साथ ही सभी लंबित आवेदनों को कार्ययोजना बनाकर नियमानुसार शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी परिस्थिति में सेवांत लाभ का मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। सभी प्रधान लिपिक व्यक्तिगत रुचि लेकर सेवानिवृत्त कर्मियों के लंबित भुगतान एवं अन्य लाभों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। इसके अलावा रोकड़ पंजी को नियमानुसार संधारित करने तथा जन शिकायतों का त्वरित निष्पादन करने के भी निर्देश दिए गए।बैठक के अंत में जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी एवं कर्मी निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित मामलों का निपटारा करें, अन्यथा लापरवाही पाए जाने पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।