डुमरी-नया भोजपुर मार्ग पर खुले में डंप हो रहा सूखा कचरा, एनजीटी नियमों के उल्लंघन का आरोप

डुमरांव नगर परिषद की लापरवाही ने शहर की पहचान पर सवाल खड़ा कर दिया है। नगर में प्रवेश करते ही स्वागत गेट के पास फैला कूड़े का ढेर अब लोगों के लिए परेशानी और नाराजगी का बड़ा कारण बनता जा रहा है। डुमरी-नया भोजपुर मार्ग के किनारे प्रतिदिन सूखा कचरा डंप किए जाने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है, जबकि राहगीरों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

डुमरी-नया भोजपुर मार्ग पर खुले में डंप हो रहा सूखा कचरा, एनजीटी नियमों के उल्लंघन का आरोप

__  निरीक्षण में अफसरों ने मानी अव्यवस्था

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव नगर परिषद की लापरवाही ने शहर की पहचान पर सवाल खड़ा कर दिया है। नगर में प्रवेश करते ही स्वागत गेट के पास फैला कूड़े का ढेर अब लोगों के लिए परेशानी और नाराजगी का बड़ा कारण बनता जा रहा है। डुमरी-नया भोजपुर मार्ग के किनारे प्रतिदिन सूखा कचरा डंप किए जाने से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है, जबकि राहगीरों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में आने वाले लोगों के सामने सबसे पहले बदबूदार कूड़े का नजारा पड़ता है, जिससे डुमरांव की छवि खराब हो रही है।ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद बिना किसी वैज्ञानिक व्यवस्था के खुले में कचरा फेंक रहा है। इससे न सिर्फ वातावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।

लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ कूड़े से उठने वाली बदबू असहनीय हो गई है। वहीं उड़ने वाली प्लास्टिक और धूल सड़क तक पहुंच रही है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।मामले को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद शनिवार को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे और स्वच्छता पदाधिकारी राजीव कुमार मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खुद दुर्गंध और अव्यवस्था को महसूस किया। बताया जाता है कि निरीक्षण के दौरान ईओ ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया।निरीक्षण के बाद ईओ राहुलधर दुबे ने कहा कि जिस जमीन पर कूड़ा डंप किया जा रहा है, उसके संबंध में स्थानीय रैयत की सहमति होने की बात सामने आई है।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों की अंचल कार्यालय से जांच कराई जाएगी, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद उत्पन्न न हो। उन्होंने स्वच्छता शाखा को निर्देश दिया कि स्थल पर नियमित रूप से केमिकल का छिड़काव कराया जाए, जिससे दुर्गंध पर नियंत्रण किया जा सके।इसके साथ ही डंपिंग स्थल के चारों तरफ अस्थायी घेराव करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि सड़क से गुजरने वाले लोगों को खुले में कूड़ा दिखाई न दे। नगर परिषद की ओर से वहां सीसीटीवी कैमरा लगाने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से कचरा प्रबंधन को नियंत्रित करने में सुविधा होगी।

ईओ ने यह भी निर्देश दिया कि घेराव और अन्य कार्यों के दौरान जमीन मालिक, अंचल कर्मी और नगर परिषद के कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे किसी प्रकार का विवाद या कानूनी परेशानी पैदा न हो।हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल घेराव और केमिकल छिड़काव से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि आबादी और मुख्य सड़क से दूर वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन किया जाएगा।