बाल विवाह उन्मूलन को लेकर नाथपुर में जागरूकता की अलख

इटाढ़ी प्रखंड के ग्राम नाथपुर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जनजागरण की प्रभावशाली पहल देखने को मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

बाल विवाह उन्मूलन को लेकर नाथपुर में जागरूकता की अलख

__ नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को बताया कानून और दुष्परिणाम, लिया बाल विवाह मुक्त क्षेत्र का संकल्प

केटी न्यूज/बक्सर 

इटाढ़ी प्रखंड के ग्राम नाथपुर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जनजागरण की प्रभावशाली पहल देखने को मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता राजेश कुमार एवं दीपिका केशरी के साथ पीएलवी शत्रुघ्न सिन्हा, कवीन्द्र पाठक, मनन कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, राम राज सिंह तथा रामजी यादव की सक्रिय भागीदारी रही।

सभी ने मिलकर ग्रामीणों के बीच संवाद स्थापित किया और बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक चेतना जगाने का प्रयास किया।नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कलाकारों ने बाल विवाह के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक नुकसान को भावनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के भविष्य को प्रभावित करता है और विशेषकर बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर गंभीर असर डालता है।पैनल अधिवक्ताओं ने उपस्थित जनसमूह को बताया कि बाल विवाह कानूनन दंडनीय अपराध है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा इसे रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी गई कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो वे तत्काल प्रशासन या संबंधित प्राधिकरण को सूचित करें।कार्यक्रम के दौरान निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर ग्रामीणों से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सजग रहने और अपने बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया गया।

जागरूकता कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाएंगे और इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।नाथपुर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल कानूनी जानकारी देने तक सीमित रहा, बल्कि सामाजिक चेतना जगाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। ग्रामीणों की उत्साही भागीदारी ने यह संकेत दिया कि जागरूकता और सामूहिक संकल्प से ही बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।