डुमरांव-बिक्रमगंज पथ बना मौत का रास्ता, बालू लदे ट्रकों की मनमानी से बढ़ा हादसों का खतरा

डुमरांव-बिक्रमगंज पथ (एनएच-120) पर बालू लदे ट्रकों का बेलगाम परिचालन और सड़क किनारे अवैध पार्किंग अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। गुरुवार की देर रात आईटीबीपी जवान धनजी कुमार यादव की मौत के बाद एक बार फिर इस सड़क की बदहाल यातायात व्यवस्था और ट्रकों की मनमानी चर्चा में है।

डुमरांव-बिक्रमगंज पथ बना मौत का रास्ता, बालू लदे ट्रकों की मनमानी से बढ़ा हादसों का खतरा

__ खलवा इनार से टेढ़की पुल तक दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट, अवैध पार्किंग और बेलगाम परिचालन पर नहीं लग रहा अंकुश

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव-बिक्रमगंज पथ (एनएच-120) पर बालू लदे ट्रकों का बेलगाम परिचालन और सड़क किनारे अवैध पार्किंग अब लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। गुरुवार की देर रात आईटीबीपी जवान धनजी कुमार यादव की मौत के बाद एक बार फिर इस सड़क की बदहाल यातायात व्यवस्था और ट्रकों की मनमानी चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन और परिवहन विभाग ने इस पर रोक नहीं लगाई तो आने वाले दिनों में भी ऐसी दर्दनाक घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।नो एंट्री के दौरान शहर के बाहरी छोर पर स्थित टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज से लेकर खलवा इनार और उसके आगे तक बालू लदे ट्रकों की लंबी कतारें अक्सर देखने को मिलती हैं। कई बार ट्रक सड़क के किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे सड़क संकरी हो जाती है और छोटे वाहनों के चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रात में नो एंट्री समाप्त होते ही बड़ी संख्या में बालू लदे ट्रक तेज रफ्तार से इस मार्ग पर दौड़ने लगते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार खलवा इनार से लेकर टेढ़की पुल तक का इलाका अब दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुका है। पिछले कुछ समय में इस मार्ग पर कई लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। अधिकांश घटनाओं के पीछे बालू लदे ट्रकों का तेज रफ्तार परिचालन, भारी वाहनों का दबाव और सड़क किनारे अवैध पार्किंग को मुख्य कारण माना जा रहा है।आईटीबीपी जवान धनजी कुमार यादव की मौत से पहले भी इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं। अमसारी गांव निवासी हरेंद्र सिंह के पुत्र तथा खलवा इनार निवासी एक संविदा प्रखंड कर्मी की मौत भी सड़क दुर्घटना में हो चुकी है।

बावजूद इसके ट्रकों के अनियंत्रित परिचालन और पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।ग्रामीणों का कहना है कि एनएच-120 जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। खासकर रात के समय बालू लदे ट्रकों की निगरानी, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण जरूरी है।धनजी कुमार जैसे जवान की असमय मौत ने एक बार फिर इस समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी परिवार का चिराग सड़क की लापरवाही की भेंट न चढ़े।