विधानसभा चुनाव में पूरे राज्य में सर्वश्रेष्ठ एईआरओ चुने गए डुमरांव बीडीओ, मिला सम्मान

डुमरांव प्रखंड के लिए यह सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी की बड़ी जीत है। प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप कुमार पांडेय को बिहार विधान सभा चुनाव में बेहतर कार्य के लिए राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ एईआरओ का खिताब मिला है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पटना के अधिवेशन भवन में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उन्हें अपने हाथों सम्मानित किया तथा प्रशस्ति पत्र भी दिया है।

विधानसभा चुनाव में पूरे राज्य में सर्वश्रेष्ठ एईआरओ चुने गए डुमरांव बीडीओ, मिला सम्मान

-- मतदाता सूची के भरोसे को बनाया पहचान, टीमवर्क और पारदर्शिता से बीडीओ संदीप कुमार पांडेय बने राज्य स्तर पर मिसाल

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव प्रखंड के लिए यह सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी की बड़ी जीत है। प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप कुमार पांडेय को बिहार विधान सभा चुनाव में बेहतर कार्य के लिए राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ एईआरओ का खिताब मिला है। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पटना के अधिवेशन भवन में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने उन्हें अपने हाथों सम्मानित किया तथा प्रशस्ति पत्र भी दिया है।  राज्य स्तर पर मिला सम्मान यह साबित करता है कि जब नीयत साफ और प्रक्रिया मजबूत हो, तो जमीनी स्तर पर किया गया काम भी राज्य की पहचान बन सकता है।बता दें कि 25 जनवरी को पटना में आयोजित 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह में बीडीओ संदीप कुमार पांडेय को सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) के रूप में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

हालांकि, उन्होंने इसे व्यक्तिगत पुरस्कार के बजाय पूरी प्रशासनिक टीम की मेहनत का फल माना है, जिसने मतदाता सूची को भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने में दिन-रात एक कर दिया।डुमरांव विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान मतदाता सूची का अद्यतन, सत्यापन और त्रुटि सुधार आसान काम नहीं था। गांव-गांव तक पहुंच, नए मतदाताओं का नाम जोड़ना, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टियों को हटाना और हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना, इन सबके पीछे एक स्पष्ट रणनीति और मजबूत समन्वय रहा।

सम्मान मिलने के बाद बीडीओ पांडेय ने इसे “टीम की जीत” बताते हुए कहा कि बीएलओ, प्रखंड कर्मी और निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारियों ने जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य किया। उन्होंने डुमरांव के एसडीएम राकेश कुमार, तत्कालीन जिलाधिकारी विद्यानंद सिंह के मार्गदर्शन को इस सफलता की मजबूत नींव बताया।इस पूरे प्रयास की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि आम मतदाता का भरोसा निर्वाचन प्रक्रिया पर और मजबूत हुआ। जिन लोगों का नाम वर्षों से छूट रहा था, वे सूची में शामिल हुए। जिन त्रुटियों को लेकर शिकायतें थीं, उनका समयबद्ध समाधान हुआ। यही वजह है कि डुमरांव का कार्य राज्य स्तर पर सराहा गया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मूल उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करना और मतदाता जागरूकता बढ़ाना है। इस मंच पर मिला यह सम्मान दर्शाता है कि डुमरांव प्रखंड ने इन उद्देश्यों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर दिखाया।ब्लॉक के कर्मचारियों और बीएलओ का मानना है कि यह सम्मान पूरे प्रखंड के लिए प्रेरणास्रोत है। इससे न केवल भविष्य के निर्वाचन कार्य और अधिक प्रभावी होंगे, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि ईमानदार प्रशासनिक प्रयास कभी अनदेखे नहीं जाते। डुमरांव के लिए यह गौरव का क्षण है और लोकतंत्र के लिए एक मजबूत कदम।