एजेंसी के शिकंजे से मुक्ति चाहते हैं बिजली मानवबल, 30 दिन की मजदूरी पर भी आर-पार की तैयारी

बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाले विद्युत मानवबल अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। वर्षों से सेवा देने के बावजूद अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कर्मियों ने सीधे बिजली कंपनी के अधीन करने, पूरे महीने की मजदूरी देने और अन्य सुविधाओं की मांग बुलंद की है।

एजेंसी के शिकंजे से मुक्ति चाहते हैं बिजली मानवबल, 30 दिन की मजदूरी पर भी आर-पार की तैयारी

__ चार मांगों को लेकर संगठन ने भरी हुंकार, अनदेखी पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

केटी न्यूज/डुमरांव।

बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने वाले विद्युत मानवबल अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। वर्षों से सेवा देने के बावजूद अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कर्मियों ने सीधे बिजली कंपनी के अधीन करने, पूरे महीने की मजदूरी देने और अन्य सुविधाओं की मांग बुलंद की है। रविवार को नगर स्थित जंगलीनाथ शिव मंदिर परिसर में बिहार विद्युत मानव बल संगठन की बैठक में सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए आंदोलन तेज करने का संकेत दिया गया।

भरत लाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मानवबलों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए अपनी चार सूत्री मांगों को प्रमुखता से उठाया। बैठक के मुख्य अतिथि मानवबल कर्मचारी संघ जिला यूनियन के रामाशीष यादव ने कहा कि विद्युत मानवबल लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि कामगारों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी करना उचित नहीं है। यदि समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो संगठन आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होगा।

__ चार मांगों पर टिकी है लड़ाई

संगठन की प्रमुख मांग है कि मानवबलों को एजेंसी के माध्यम से काम कराने के बजाय सीधे साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी से जोड़ा जाए। इसके अलावा महीने में 26 दिन के बदले 30 दिन की मजदूरी देने, पर्व-त्योहारों में ड्यूटी करने पर कंपनी के कर्मियों की तर्ज पर अतिरिक्त मजदूरी उपलब्ध कराने और अधिकतम कार्य उम्र सीमा 60 वर्ष निर्धारित करने की मांग की गई।बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा। कर्मियों ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि उनकी आवाज को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।मौके पर प्रेमचंद चौधरी, श्याम नारायण प्रसाद, रायबहादुर सिंह, निर्मल शर्मा, लालबाबू केसरी, ओमप्रकाश तिवारी, कन्हैया मिश्रा और मनोज सिंह समेत कई विद्युत मानवबल मौजूद रहे।