किसान के बेटे अभिनव ने नीट में बनाई देशभर में पहचान, ऑल इंडिया रैंक 1793 से बढ़ाया जिले का मान

संसाधनों की कमी यदि मजबूत इरादों के सामने आ जाए तो मेहनत उसे भी मात दे देती है। चौसा प्रखंड के बनारपुर गांव के किसान परिवार से आने वाले अभिनव मौर्य ने यह साबित कर दिखाया है। नीट-2026 की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1793 तथा कैटेगरी रैंक 598 हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे बक्सर जिले का नाम रोशन किया है।

किसान के बेटे अभिनव ने नीट में बनाई देशभर में पहचान, ऑल इंडिया रैंक 1793 से बढ़ाया जिले का मान

__ पहले प्रयास की रैंक से नहीं हुए संतुष्ट, एक साल की कड़ी तैयारी के बाद हासिल की बड़ी सफलता, बोले- गरीबों की सेवा है जीवन का लक्ष्य

केटी न्यूज/चौसा :

संसाधनों की कमी यदि मजबूत इरादों के सामने आ जाए तो मेहनत उसे भी मात दे देती है। चौसा प्रखंड के बनारपुर गांव के किसान परिवार से आने वाले अभिनव मौर्य ने यह साबित कर दिखाया है। नीट-2026 की परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1793 तथा कैटेगरी रैंक 598 हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे बक्सर जिले का नाम रोशन किया है।अभिनव के पिता रमाकांत सिंह छोटे किसान हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं आने दी। परिवार के सहयोग और अपनी लगन के दम पर अभिनव ने यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता से गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा लोग उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं।

अभिनव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई सेंट्रल हिंदू स्कूल (सीएचएस), बीएचयू, वाराणसी से पूरी की। मेडिकल प्रवेश परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए वह राजस्थान के कोटा गए, जहां एलेन संस्थान में रहकर उन्होंने पढ़ाई की।उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में भी उन्होंने नीट परीक्षा दी थी, लेकिन लगभग आठ हजार रैंक आने के कारण उन्होंने उसी परिणाम से संतुष्ट होने के बजाय दोबारा प्रयास करने का निर्णय लिया। पूरे एक वर्ष तक प्रतिदिन 12 से 14 घंटे नियमित अध्ययन किया और अपनी कमजोरियों पर लगातार काम किया। इसी मेहनत का परिणाम रहा कि इस बार उन्होंने देशभर में 1793वीं रैंक हासिल कर सफलता की नई मिसाल कायम की।

अभिनव ने बताया कि तैयारी के दौरान कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया। उनका मानना है कि सफलता केवल निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास से ही मिलती है। उन्होंने कहा कि नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।भविष्य की योजना के बारे में अभिनव ने बताया कि वह एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना चाहते हैं। उनकी इस उपलब्धि ने क्षेत्र के युवाओं के लिए नई प्रेरणा प्रस्तुत की है कि मजबूत इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।