पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर पूर्व मंत्री ददन यादव ने सरकार पर किया तीखा हमला

डुमरांव के पूर्व विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ददन यादव ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर सत्ताधारी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार बताते हुए इसे सत्ता की बदले की राजनीति करार दिया। पूर्व मंत्री ने कहा कि जिस बिहार में अपराधियों और महिलाओं के साथ अत्याचार करने वालों पर शिकंजा कसने में पुलिस नाकाम दिख रही है, वहीं जनहित के मुद्दों पर आवाज़ उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर पूर्व मंत्री ददन यादव ने सरकार पर किया तीखा हमला

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव के पूर्व विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ददन यादव ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर सत्ताधारी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार बताते हुए इसे सत्ता की बदले की राजनीति करार दिया। पूर्व मंत्री ने कहा कि जिस बिहार में अपराधियों और महिलाओं के साथ अत्याचार करने वालों पर शिकंजा कसने में पुलिस नाकाम दिख रही है, वहीं जनहित के मुद्दों पर आवाज़ उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है।

ददन यादव ने आरोप लगाया कि आधी रात को 31 वर्ष पुराने मामले में सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी सरकार के अहंकार और तानाशाही सोच को उजागर करती है। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह कैसी न्याय व्यवस्था है, जहां बहू-बेटियों के साथ जघन्य अपराध करने वाले खुलेआम घूमते हैं, जबकि उनके लिए न्याय की मांग करने वालों को जेल भेज दिया जाता है।पूर्व मंत्री ने कहा कि हाल ही में पप्पू यादव ने नीट परीक्षा की एक छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म मामले को लेकर खुलकर आवाज़ उठाई थी। इसके तुरंत बाद उनकी गिरफ्तारी ने कई संदेह पैदा कर दिए हैं। उन्होंने इसे सरकार की असहजता और आलोचना से डर का परिणाम बताया।

ददन यादव ने राज्य की वर्तमान शासन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में आज तीन चेहरों वाली सरकार चल रही है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा शामिल हैं। इस व्यवस्था में सत्ता का संतुलन बिगड़ा हुआ है और निर्णयों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।पूर्व मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और सवाल पूछना अपराध नहीं है। आवाज़ उठाने वालों को जेल भेजना तानाशाही की पहचान है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सांसद पप्पू यादव को तत्काल रिहा किया जाए और राज्य में बढ़ते अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ईमानदार प्रयास किए जाएं।