खतरे के निशान से महज 8 सेंटीमीटर दूर गंगा, बक्सर में बाढ़ का खतरा और गहराया
बक्सर में गंगा अब धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। बुधवार की शाम पांच बजे केंद्रीय जल आयोग की जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 60.24 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 60.32 मीटर से महज आठ सेंटीमीटर नीचे है। पिछले नौ घंटे में जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पानी की यह रफ्तार बरकरार रही तो गंगा कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकती है।


__ 60.24 मीटर पहुंचा जलस्तर, नौ घंटे में 3 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी; खेतों के बाद अब गांवों की ओर बढ़ रहा पानी, तटवर्ती इलाकों में दहशत
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर में गंगा अब धीरे-धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। बुधवार की शाम पांच बजे केंद्रीय जल आयोग की जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 60.24 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 60.32 मीटर से महज आठ सेंटीमीटर नीचे है। पिछले नौ घंटे में जलस्तर में तीन सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पानी की यह रफ्तार बरकरार रही तो गंगा कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकती है। लगातार बढ़ते जलस्तर ने जिले के तटवर्ती और दियारा इलाकों में बाढ़ की आशंका को और गंभीर कर दिया है।मंगलवार को गंगा का जलस्तर 60.02 मीटर था। महज 24 घंटे के भीतर इसमें 22 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। गंगा का पानी अब निचले इलाकों और खेतों में फैलता जा रहा है। कई स्थानों पर खड़ी फसलें पानी की चपेट में आ गई हैं। गंगा के साथ कर्मनाशा, धर्मावती और भैंसही नदियों के जलस्तर में भी वृद्धि होने से तटवर्ती क्षेत्रों में हालात और चुनौतीपूर्ण बनते जा रहे हैं।

__ खतरे की दहलीज पर गंगा, दियारा में बढ़ी बेचैनी
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर दियारा और निचले इलाकों में दिख रहा है। खेतों में पानी फैलने के बाद अब ग्रामीण बस्तियों की ओर भी खतरा बढ़ने लगा है। ग्रामीण दिन-रात नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। उन्हें डर है कि यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों और दिनों में बाढ़ की स्थिति विकराल हो सकती है।चौसा से लेकर सदर, सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर तक गंगा के तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ गई है। दो दर्जन से अधिक गांव पहले से ही बाढ़ के संभावित प्रभाव वाले क्षेत्र में हैं। रामपुर नैनीजोर पंचायत के ढाबी समेत कई निचले इलाकों में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है।

__ संपर्क पथ डूबा, दियारा क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ीं
गंगा के बढ़ते पानी के कारण सिमरी प्रखंड में आवागमन भी प्रभावित हुआ है। गंगौली के पास कोईलवर तटबंध से शिवपुर बिहार में गंगा पर बने जनेश्वर मिश्र सेतु क्षेत्र को जोड़ने वाला संपर्क पथ पानी में डूब चुका है। सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण प्रशासन ने इस मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया है। इससे दियारा क्षेत्र के लोगों का बलिया से सीधा संपर्क बाधित हो गया है।मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को बाजार, इलाज, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी बढ़ने के साथ ही वैकल्पिक आवागमन को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ रही है।

__ तटबंधों पर चौबीसों घंटे नजर
गंगा के खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। संवेदनशील तटबंधों, स्परों और जमींदारी बांधों की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित प्रखंडों के अधिकारियों और जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है।संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर और आपदा राहत संसाधनों को तैयार रखने की कवायद तेज कर दी गई है। जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
__ अब सिर्फ आठ सेंटीमीटर का फासला
बुधवार शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 60.24 मीटर पर पहुंच चुका है। खतरे का निशान 60.32 मीटर है। यानी गंगा और खतरे के निशान के बीच अब सिर्फ 8 सेंटीमीटर का फासला बचा है। ऐसे में अगले कुछ घंटों का जलस्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पानी की बढ़ती रफ्तार ने बक्सर के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की चिंता को अब आशंका से निकालकर गंभीर खतरे की ओर पहुंचा दिया है।

__ जलस्तर पर एक नजर
गंगा का जलस्तर: 60.24 मीटर
चेतावनी स्तर: 59.32 मीटर
खतरे का निशान: 60.32 मीटर
खतरे के निशान से दूरी: महज 8 सेंटीमीटर
पिछले 9 घंटे में वृद्धि: 3 सेंटीमीटर
मंगलवार से बुधवार तक वृद्धि: 22 सेंटीमीटर

