सीएम के ऑनलाइन उद्घाटन के साथ केसठ में राजकीय डिग्री कॉलेज का शुभारंभ, डीएम रही उपस्थित

प्रखंड के विद्यार्थियों के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। वर्षों से लंबित राजकीय डिग्री कॉलेज की मांग आखिरकार पूरी हो गई और मुख्यमंत्री के ऑनलाइन उद्घाटन के साथ केसठ में राजकीय डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू हो गया। फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं अस्थायी रूप से प्लस टू उच्च विद्यालय, रघुनाथपुर परिसर में संचालित होंगी।

सीएम के ऑनलाइन उद्घाटन के साथ केसठ में राजकीय डिग्री कॉलेज का शुभारंभ, डीएम रही उपस्थित

--अब घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा, रघुनाथपुर प्लस टू हाई स्कूल में शुरू हुई पढ़ाई

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड के विद्यार्थियों के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। वर्षों से लंबित राजकीय डिग्री कॉलेज की मांग आखिरकार पूरी हो गई और मुख्यमंत्री के ऑनलाइन उद्घाटन के साथ केसठ में राजकीय डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू हो गया। फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं अस्थायी रूप से प्लस टू उच्च विद्यालय, रघुनाथपुर परिसर में संचालित होंगी।उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री के ऑनलाइन संबोधन के साथ जिलाधिकारी साहिला ने फीता काटकर कॉलेज का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज से ही कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खोलेगा और अब उन्हें डिग्री की पढ़ाई के लिए बक्सर, डुमरांव अथवा अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

अब तक छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ते थे। स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से अभिभावकों और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इसे क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि शंभु शरण शर्मा, प्राचार्य कृष्णाकांत सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार सौरभ, अंचलाधिकारी अभिषेक गर्ग, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश राम, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष विद्या भारती, मुखिया अरविंद कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि जल्द ही कॉलेज का अपना भवन बनकर तैयार होगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।