कोको कोला की पहली बॉटलिंग यूनिट और जेके सीमेंट ग्राइंडिंग प्लांट का भव्य उद्घाटन

बक्सर जिला शनिवार को औद्योगिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी बना। नावानगर औद्योगिक क्षेत्र में कोका-कोला सिस्टम की प्रमुख बॉटलिंग पार्टनर एसएलएमजी बेवरेज लिमिटेड की अत्याधुनिक पेय पदार्थ निर्माण इकाई तथा ब्रह्मपुर में 512 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित जेके सीमेंट की ग्राइंडिंग यूनिट का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया।

कोको कोला की पहली बॉटलिंग यूनिट और जेके सीमेंट ग्राइंडिंग प्लांट का भव्य उद्घाटन

-- नावानगर-ब्रह्मपुर में 1200 करोड़ से अधिक निवेश, हजारों रोजगार की उम्मीद

केटी न्यूज/डुमरांव/नावानगर

बक्सर जिला शनिवार को औद्योगिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का साक्षी बना। नावानगर औद्योगिक क्षेत्र में कोका-कोला सिस्टम की प्रमुख बॉटलिंग पार्टनर एसएलएमजी बेवरेज लिमिटेड की अत्याधुनिक पेय पदार्थ निर्माण इकाई तथा ब्रह्मपुर में 512 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित जेके सीमेंट की ग्राइंडिंग यूनिट का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने संयुक्त रूप से किया।करीब 1200 करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश वाली इन दो परियोजनाओं को बिहार में औद्योगिक विकास की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। समारोह में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

-- नावानगर बना पूर्वी भारत का सप्लाई हब

नावानगर में स्थापित एसएलएमजी बेवरेज की यह इकाई बिहार में कोका-कोला सिस्टम की पहली बॉटलिंग यूनिट है। लगभग 65 एकड़ में फैला यह प्लांट दक्षिण एशिया के बड़े तकनीकी बॉटलिंग केंद्रों में गिना जा रहा है।इस प्लांट की प्रमुख विशेषताएं है कि यहां सात हाई-स्पीड उत्पादन लाइनें, लगभग 5000 बोतल प्रति मिनट उत्पादन क्षमता, कार्बाेनेटेड सोडा, जूस, पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर व एसेप्टिक बेवरेज का निर्माण तथा उन्नत तकनीक से आठ माह तक शेल्फ लाइफ है।

रणनीतिक रूप से स्थापित यह इकाई बिहार के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के लिए प्रमुख सप्लाई हब के रूप में कार्य करेगी। उत्पादन को उपभोक्ता बाजारों के निकट लाने से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, त्वरित आपूर्ति और पीक सीजन में उत्पादों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।कंपनी के चेयरमैन राकेश लधानी एवं निदेशक सिद्धार्थ लधानी ने इसे परिवर्तनकारी निवेश बताते हुए कहा कि इससे बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार सृजित होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मांग बढ़ने पर प्लांट विस्तार की भी संभावना रखी गई है।

-- ब्रह्मपुर में 512 करोड़ की सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट

इसी क्रम में ब्रह्मपुर में जेके सीमेंट लिमिटेड की 512 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक ग्राइंडिंग यूनिट का उद्घाटन किया गया।इस प्लांट का उदघाटन होने से उम्मीद जताया जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर सीमेंट की उपलब्धता होगी, परिवहन लागत में कमी, निर्माण कार्यों में तेजी आएगी तथा सहायक उद्योगों व परिवहन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।यह संयंत्र अत्याधुनिक मशीनरी और पर्यावरण मानकों के अनुरूप तकनीक से लैस है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बक्सर समेत आसपास के जिलों में बुनियादी ढांचे के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

-- सरकार का फोकस: औद्योगिक क्रांति की शुरुआत

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि एक समय बिहार में उद्योग स्थापना को लेकर आशंकाएं जताई जाती थीं, लेकिन आज बेहतर कानून-व्यवस्था और स्पष्ट औद्योगिक नीति के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्राथमिकता देते हुए उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर चुकी है। आधारभूत संरचना और सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश में निवेश की रफ्तार तेज हुई है।दोनों मंत्रियों ने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं को तकनीकी एवं गैर-तकनीकी दोनों प्रकार की नौकरियों के अवसर मिलेंगे, जिससे पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

-- सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा

डिप्टी सीएम के आगमन से पूर्व जिला प्रशासन ने प्लांट परिसरों का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने दोनों संयंत्रों का भ्रमण कर उत्पादन प्रक्रियाओं और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।समारोह में डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह, जिलाधिकारी साहिला, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्लांट की उत्पादन क्षमता और तकनीकी विशेषताओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

-- औद्योगिक मानचित्र पर उभरता बक्सर

दो बड़े औद्योगिक निवेशों के साथ बक्सर अब राज्य के औद्योगिक मानचित्र पर प्रमुखता से उभरता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह निवेश और आधारभूत संरचना का विस्तार जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार पूर्वी भारत का एक सशक्त औद्योगिक केंद्र बन सकता है।नावानगर में मेगा बॉटलिंग प्लांट और ब्रह्मपुर में सीमेंट यूनिट की स्थापना से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि परिवहन, व्यापार, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग और सेवा क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।कुल मिलाकर, शनिवार का दिन बक्सर के औद्योगिक भविष्य के लिए नई उम्मीद और नई दिशा लेकर आया, जिसने जिले को विकास की मुख्यधारा में मजबूती से स्थापित करने का संकेत दिया है।