चौसा में एसपी शुभम आर्य के जनता दरबार में उजागर हुईं जमीनी सच्चाइयां
मुफस्सिल थाना परिसर में शनिवार को आयोजित पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के जनता दरबार में इलाके की जमीनी हकीकत खुलकर सामने आ गई। शराबबंदी, अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम और भूमि विवाद जैसे ज्वलंत मुद्दों पर फरियादियों का गुस्सा साफ झलकता रहा। विभिन्न गांवों और शहरी इलाकों से पहुंचे लोगों ने एक के बाद एक गंभीर शिकायतें रखीं, जिस पर एसपी ने न सिर्फ ध्यान से सुना, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही सख्त निर्देश भी दिए।
-- नशा, जाम और जमीन के झगड़ों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
केटी न्यूज/चौसा
मुफस्सिल थाना परिसर में शनिवार को आयोजित पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के जनता दरबार में इलाके की जमीनी हकीकत खुलकर सामने आ गई। शराबबंदी, अतिक्रमण, ट्रैफिक जाम और भूमि विवाद जैसे ज्वलंत मुद्दों पर फरियादियों का गुस्सा साफ झलकता रहा। विभिन्न गांवों और शहरी इलाकों से पहुंचे लोगों ने एक के बाद एक गंभीर शिकायतें रखीं, जिस पर एसपी ने न सिर्फ ध्यान से सुना, बल्कि कई मामलों में मौके पर ही सख्त निर्देश भी दिए।जनता दरबार की शुरुआत सामूहिक समस्याओं से हुई। सबसे ज्यादा चिंता का विषय शराबबंदी के बावजूद गांवों में खुलेआम शराब की उपलब्धता रही।

फरियादियों ने आरोप लगाया कि नशे का जाल फिर से फैल रहा है और इसका सीधा असर बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा है। इस पर एसपी शुभम आर्या ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज किया जाए और दोषियों पर बिना किसी दबाव के कार्रवाई हो।चौसा नगर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। डॉ. मनोज कुमार यादव ने सामूहिक शौचालय निर्माण स्थल पर अतिक्रमण का मामला रखते हुए प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े किए।

इसके साथ ही लोगों ने यह भी बताया कि इलाके में कई सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। पुलिस की ओर से बताया गया कि तार बदले जा रहे हैं, लेकिन अखौरीपुर गोला पर ओवरब्रिज निर्माण के कारण केबल बिछाने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं।अखौरीपुर गोला चौक पर जाम की समस्या जनता दरबार में छाई रही। फरियादियों ने कहा कि अव्यवस्थित ट्रैफिक और बेतरतीब ऑटो परिचालन से रोजाना घंटों जाम लगता है। लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने, ऑटो चालकों को नियमों में बांधने और अंधे मोड़ों पर साइड मिरर लगाने की मांग की।

इसके बाद जनता दरबार भूमि विवाद के मामलों से भर गया। पूनम देवी ने मारपीट में महिला की मौत के मामले में पांच माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने और जमानत पर छूटे आरोपियों से मिल रही धमकी की शिकायत की। मीरा देवी ने पट्टीदारों पर जबरन खेती करने, फसल काटने और धमकी देने का आरोप लगाया।राजनारायण वर्मा, पप्पू जायसवाल, महातीम सिंह यादव (सेवानिवृत्त बीएसएफ), रामलाल गुप्ता, बनारसी उपाध्याय और विजय कुमार जायसवाल सहित कई लोगों ने जमीन से जुड़े विवादों के आवेदन सौंपे।

पप्पू जायसवाल द्वारा गेहूं की फसल रौंदकर बर्बाद करने का मामला सामने आते ही एसपी ने पुलिस पदाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों को थाने बुलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए, जरूरत पड़े तो जेल भेजा जाए। अधिकांश भूमि विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए अंचल अधिकारी को भी निर्देशित किया गया।जनता दरबार के अंत में एसपी शुभम आर्या ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर शिकायत की निष्पक्ष जांच होगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जनता दरबार लोगों के लिए उम्मीद और सख्ती दोनों का संदेश बनकर उभरा।
