अंक नहीं, मेहनत तय करती है असली सफलता: अविनाश दत्त का छात्रों को संदेश
सीबीएसई बोर्ड के हालिया परीक्षा परिणाम के बाद जहां कई छात्र अच्छे अंकों से उत्साहित हैं, वहीं कुछ छात्र अपेक्षा से कम अंक आने के कारण निराश भी नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में बक्सर स्थित दत्त क्लासेस के संचालक अविनाश दत्त ने छात्रों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। गुरुवार को आयोजित एक संवाद सत्र में उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी छात्र की प्रतिभा का आकलन केवल अंकों के आधार पर करना उचित नहीं है।
__ सीबीएसई परिणाम के बाद दत्त क्लासेस में छात्रों को मिली प्रेरणा, कम अंक वालों को निराश न होने की दी सलाह
केटी न्यूज/बक्सर:
सीबीएसई बोर्ड के हालिया परीक्षा परिणाम के बाद जहां कई छात्र अच्छे अंकों से उत्साहित हैं, वहीं कुछ छात्र अपेक्षा से कम अंक आने के कारण निराश भी नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में बक्सर स्थित दत्त क्लासेस के संचालक अविनाश दत्त ने छात्रों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है। गुरुवार को आयोजित एक संवाद सत्र में उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी छात्र की प्रतिभा का आकलन केवल अंकों के आधार पर करना उचित नहीं है।अविनाश दत्त ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता का पैमाना केवल बोर्ड परीक्षा के अंक नहीं होते।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई ऐसे छात्र रहे हैं, जिनके शैक्षणिक अंक औसत रहे, लेकिन उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रशासनिक सेवाओं जैसे प्रतिष्ठित पद हासिल किए। उनका कहना था कि असली सफलता निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास से मिलती है, न कि केवल मार्कशीट के अंकों से।उन्होंने विशेष रूप से उन छात्रों को प्रेरित किया, जिनके अंक उम्मीद के मुताबिक नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे छात्र निराश होने के बजाय इसे एक अनुभव के रूप में लें और अपनी कमजोरियों को पहचानकर आगे बेहतर तैयारी करें। असफलता या कम अंक भविष्य की सफलता के रास्ते में बाधा नहीं, बल्कि सीखने का अवसर होते हैं।

इस अवसर पर दत्त क्लासेस के छात्रों ने भी विभिन्न विषयों में सराहनीय प्रदर्शन किया। सोशल साइंस में रिशु ने 93, सूरज ने 92 और अश्विन ने 90 अंक प्राप्त किए। वहीं गणित में दिव्या, सूरज और रिशु ने 90-90 अंक हासिल किए। इसके अलावा सिमरन (81), विवेक (82), कुशल (80), आयुष्मान (80), खुशी (79) और ऋषिका (69) ने भी अच्छे अंक प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया।अंत में अविनाश दत्त ने सभी छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह परिणाम उनके भविष्य की दिशा तय करने का एक पड़ाव भर है, मंजिल नहीं।

