अगलगी में झोपड़ी राख, हजारों की संपति जली

पुराना भोजपुर गांव में रविवार देर रात घटी आगजनी की घटना ने न सिर्फ एक गरीब मजदूर का सब कुछ छीन लिया, बल्कि ग्रामीण व्यवस्था और प्रशासनिक तत्परता पर कई सवाल भी खड़े कर दिए। रात लगभग 9 बजे भीमल राम, पिता स्व. भूखन राम की झोपड़ी में अचानक उठी आग की लपटों ने पूरे गांव में अफरातफरी मचा दी। तब अधिकांश लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, लेकिन झोपड़ी से उठता धुआं और तेज लपटें देखते ही दर्जनों ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े।

अगलगी में झोपड़ी राख, हजारों की संपति जली

केटी न्यूज/डुमरांव

पुराना भोजपुर गांव में रविवार देर रात घटी आगजनी की घटना ने न सिर्फ एक गरीब मजदूर का सब कुछ छीन लिया, बल्कि ग्रामीण व्यवस्था और प्रशासनिक तत्परता पर कई सवाल भी खड़े कर दिए। रात लगभग 9 बजे भीमल राम, पिता स्व. भूखन राम की झोपड़ी में अचानक उठी आग की लपटों ने पूरे गांव में अफरातफरी मचा दी। तब अधिकांश लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे, लेकिन झोपड़ी से उठता धुआं और तेज लपटें देखते ही दर्जनों ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े।

अग्निशमन विभाग को सूचना जरूर दी गई, लेकिन हालात इतने गंभीर थे कि ग्रामीणों ने पल भर भी इंतजार करना उचित नहीं समझा। मोटर पंप, बाल्टी, ड्रम, जिसके हाथ में जो लगा, उसी से लोगों ने आग बुझाने की जद्दोजहद शुरू कर दी। गांव की यह सामूहिक मुहिम ही थी, जिसने आग को फैलने से रोक दिया, अन्यथा आसपास की झोपड़ियां और कई घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे।लेकिन तब तक भीमल राम का सब कुछ जल चुका था।

उनकी छोटी-सी झोपड़ी में रखा चौकी-खाट, बच्चों की किताबें-कॉपियां, पहनने के कपड़े, करीब एक क्विंटल धान, 11 हजार रुपए नकद तक, सब राख में बदल गया। रातोंरात भीमल राम का परिवार बेघर-सा हो गया है। आर्थिक नुकसान इतना अधिक है कि परिवार पूरी तरह टूट चुका है।ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए तत्काल राहत, मुआवजा और रहने की व्यवस्था की मांग की है। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन बिजली के तार या अचानक उठी चिंगारी को लेकर आशंका जताई जा रही है।